इंतिख़ाबी नताइज से पहले ही छोड़ देंगे पी एम हाऊस: मनमोहन सिंह

वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह के लिए मोती लाल नेहरू रास्ते पर एक बंगला तैयार किया जा रहा है, जिस में वो 16 मई के लोक सभा इंतिख़ाबात के नताइज से पहले ही रिटायरमेंट क़ियाम के लिए जा सकते हैं| वज़ीर-ए-आज़म के दफ़्तर ने सीपीडब्ल्यूडी को 30 अप्रेल तक बंगले में तमाम काम मुकम्मल करने की हिदायात दी हैं ताकि मनमोहन उस तारीख़ के बाद कभी भी वहां मुंतक़िल हो सकें|

सीपीडब्ल्यूडी 3 मोती लाल नेहरू रास्ते पर बंगले में तबदीली कर रहा है जिसे दिल्ली की साबिक़ वज़ीर-ए-आला शीला दिक्षित ने फरवरी में ख़ाली किया था| मनमोहन और उन की बीवी गुरचरण कौर ने बंगले के इंतिख़ाब से पहले फरवरी में उसे देखा था| फ़िलहाल वो 7, रेस कोर्स रोड पर वाके वज़ीर-ए-आज़म के सरकारी रिहायश में रह रहे हैं| 1920 में तामीर चार शयनकक्षों वाला ये बंगला 3.5 एकड से ज़्यादा इलाक़े में फैला है और इस में एक पार्क भी है|

इस में दफ़्तर की जगह है, जो किसी वज़ीर-ए-आज़म की ज़रूरियात को पूरा करती है| बंगले पर दुबारा से रंग – रोगन किया गया है और तमाम फ़्लोर, छत और प्लास्टर ख़राबी को दरुस्त किया गया है| एस पी जी ने बंगले का कई बार सर्वे किया है| सीपीडब्ल्यूडी के हुक्काम ने कहा कि एस पी जी जल्द ही ज़रूरियात की फ़हरिस्त सोंप सकती है, जिसके बुनियाद पर सेक्योरिटी इंतिज़ामात के लिए ढांचा तैयार किया जाएगा|

सेक्योरिटी इंतेजामो में सी सी टी वी कैमरे और तलाशी शामिल होंगे| बंगले के अलाटमेंट के साथ मनमोहन और उनकी बीवी ज़िंदगी भर इस बंगले में रहने के हक़दार होंगे|