बग़दाद के शुमाल (उत्तर) में नसली तौर पर मिले-जुले शहर बाक़ोबा के मर्कज़ में मंगल को होने वाले धमाकों में 4 बच्चों समेत 6 फ़राद हलाक हो गए,ये बात एक आर्मी अफ़्सर और डाक्टर ने बताई। हमले सुन्नी अलक़ायदा मुख़ालिफ़ मलेशिया अहलकारों के घरों पर किए गए,पहला धमाका अस्करीयत (जंगजू) पसंदों ने सुन्नी क़बाइली मलेशिया-ए-सहवा के जंगजू अरकान मुहम्मद के घर पर किया गया।
सहवा ने 2006 के आख़िर में अलक़ायदा के ख़िलाफ़ अमरीकी अफ़्वाज (सेना) का साथ दिया था,जिस से इराक़ में अस्करीयत (जंगजू) पसंदी की लहर को मोड़ देने में मदद मिली थी। इराक़ी फ़ौज के लेफ्टिनेन्ट कर्नल और बाक़ोबा हस्पताल के डाक्टर अहमद इब्राहीम के मुताबिक़ मुहम्मद की अहलिया और 10 और 3 साल के इस के दो बेटे धमाके में हलाक हो गए, जब कि जंगजू और इस के बच्चों में से एक और ज़ख़मी हुआ। इस के 15मिनट बाद गातोन के इलाक़े से यहां मुंतक़िल होने वाले शीआ मुस्लिम ख़ानदान के घर पर धमाका हुआ,ये बात शनाख़्त खु़फ़ीया रखने की शर्त पर लेफ्टिनेन्ट कर्नल ने बताई।
अफ़्सर और इब्राहीम ने बताया कि वालिदा और दो बच्चे हलाक जब कि इस का वालिद मेह्दी अल तमेमी और दीगर दो बच्चे ज़ख़मी हुए। 2006 और 2007 के तशद्दुद के उरूज के दौर में गातोन अलक़ायदा जंगजूओं का मज़बूत गढ़ था, ताहम (लेकिन) इस के बाद से कशीदगी की सतह काबिल-ए-क़दर हद तक कम हुई है। ऐसे हमले आम हैं ताहम (लेकिन) बाक़ोबा में ख़ुसूसियत के साथ और अप्रैल में तशद्दुद के नतीजा में 126 इराक़ी मारे गए थे।