ये हमला शाम और इराक़ में इस्लामिक स्टेट के हमलों जैसा ही था। क्लाशनीकोफ़ों से मुसल्लह और ख़ुदकुश जैकेटें पहने मुसल्लह अस्करीयत पसंदों के एक छोटे से ग्रुप ने सुबह से कुछ पहले तेराबलस की एक जेल पर हमला किया।
एक दीवार को तबाह करने के बाद चार जंगजूओं ने जेल के सख़्त हिफ़ाज़ती कम्पाऊंड की तरफ़ बढ़ना शुरू किया। झड़प शुरू हो गई। दो हमला आवरों ने जिनमें से एक मराक़शी और दूसरा सूडानी था, अपनी धमाका ख़ेज़ जैकेटों को उड़ा दिया।
बादअज़ां बक़ीया दोनों ने भी यही अमल किया और तमाम चारों हमलाआवर हलाक हो गए। जेल तोड़ने की कोशिश नाकाम हो गई। लेकिन ये लीबिया में इस्लामिक स्टेट की तरफ़ से इस्तिमाल की जाने वाली चालों का एक और मुज़ाहरा था, जो इराक़ और शाम की तरह इस बोहरान ज़दा मुल्क में भी अपनी कामयाबी के लिए कोशां है।