एक बेहद ही अजीबों गरीब खबर सामने आ रही है जिसमे आपको बतादें कि कश्मीर में इन दिनों कागज पर नाखूनों से उकेर कर लिखी गई हजार साल पुरानी कुरान कौतुहल का केन्द्र बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार इसे कागज पर नाखून से उकेर कर लिखा गया है। इसकी लिखाई इतनी बारीक है कि पढ़ने के लिए मेग्निफाईंग गिलास की जरूरत पड़ती है।
इतना ही नहीं इनमें से एक कुरान करीब 800 साल जबकि दूसरा करीब 1000 वर्ष से भी अधिक पुराना है। श्रीनगर में टीआरसी का कांफ्रेंस हाल इन दिनों हजार साल पहले की यात्रा करा रहा है।
तब कागज पर हाथों से उकेरी गई कुरान और अन्य साहित्य आज यहां प्रदर्शनी में रखे गए हैं। लोग हैरत में है कि तब इन्हें कितनी मेहनत से लिखा गया होगा।
हालाँकि पंजतीर्थी जम्मू के रहने वाले सुरेश अबरोल ने अपने पूर्वजों द्वारा जुटाए गए इस नायाब तोहफे को आज तक शिद्दत से संभाल कर रखा है। प्रदर्शनी में इस्लाम धर्म से जुड़े साहित्य और कुरान जैसे धार्मिक ग्रंथों को रखा गया है जो सदियों पुराने हैं। इस नायाब खजाने में रखा गया साहित्य हस्त लिखित है।
इनमें से कश्मीर का सबसे पुराना हस्तलेख करीब 900 साल पुराना है, जिसे ‘नुस्का-ए-फतेहुल्लाह’ के नाम से जाना जाता है। टाक ने बताया कि यह बहुत ही विरला अवसर है जिसे लोगों के सामने पेश किया गया है।
सुरेश अबरोल ने बताया कि उनके दादा लाला रेखी राम महाराजा हरि सिंह के ज्वेलरी विंग की देखरेख करते थे। वहां से उनका ऐसी चीजें जुटाने का शौक पैदा हुआ होगा।
साभार- ‘वर्ल्ड न्यूज अरेबीया’