ईरान का मिज़ाईल तजुर्बा अक़वामे मुत्तहिदा क़रारदादों की ख़िलाफ़वर्ज़ी?

अमरीका के दो ओहदे दारों ने ईरान की जानिब से गुज़िश्ता माह दरमयानी फ़ासले तक मार करने वाले बैलिस्टिक मिज़ाईल के तजुर्बे को अक़वामे मुत्तहिदा की सलामती कौंसिल की दो क़रारदादों की ख़िलाफ़वर्ज़ी क़रार दिया है।

इन दोनों ओहदे दारों ने अपनी शनाख़्त ज़ाहिर ना करने की शर्त पर कहा है कि बैलिस्टिक मिज़ाईल का ये तजुर्बा 21 नवंबर को ईरान ही की हुदूद में किया गया था। क़ब्लअज़ीं सोमवार को फॉक्स न्यूज़ ने अपनी वेबसाइट पर मग़रिबी इन्टेलीजेंस ज़राए के हवाले से लिखा था कि ईरान ने ये मिज़ाईल तजुर्बा पाकिस्तान की सरहद के नज़दीक वाक़े साहिली शहर चाह बहार के नवाही इलाक़े में किया था।

अक़वामे मुत्तहिदा की सलामती कौंसिल की 2010 में मंज़ूर कर्दा क़रारदाद के तहत ईरान पर तमाम बैलिस्टिक मीज़ाईलों के तजुर्बात पर पाबंदी आयद है और ये ईरान और छे बड़ी ताक़तों के दरमयान जौहरी मुआहिदे पर अमल दरआमद तक बरक़रार रहेगी।