उत्तराखंड के तूफ़ान में, हिमाचल समेटती कांग्रेस

शिमला: उत्तराखंड में अपनी सरकार गिराए जाने के प्रयासों की पृष्ठभूमि में कांग्रेस ने आज हिमाचल प्रदेश में अपने ‘बिखरे घर’ को जोड़ने की कोशिश में प्रदेश के सभी नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान पार्टी ने अपने सभी नेताओं से अनुरोध किया कि वे वीरभद्र सिंह सरकार को गिराने के प्रयासों का साथ मिलकर मुकाबला करें।

उत्तराखंड में पार्टी में कुछ टूटन, जिसके कारण उनकी सरकार गिरने की स्थिति में पहुंच गयी, के बाद कांग्रेस ने आज हिमाचल प्रदेश की संयोजन समिति की बैठक आज दिल्ली में आयोजित की। इस बैठक में प्रदेश से पार्टी के सभी नेता, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, सभी मंत्रियों और विधायकों ने हिस्सा लिया।

करीब ढ़ाई घंटे तक चली इस बैठक की अध्यक्षता एआईसीसी की महासचिव अंबिका सोनी ने की। वह पार्टी के हिमाचल प्रदेश मामलों की प्रभारी भी हैं।

सोनी ने दावा किया ‘‘कांग्रेस विधायक दल पूरी तरह एकजुट है और राज्य में उत्तराखंड जैसी स्थिति आने की कोई संभावना नहीं है।’’ उन्होंने कहा ‘‘हिमाचल कांग्रेस में कोई संकट नहीं है और जो कुछ उत्तराखंड में हुआ वह लोकतंत्र पर हमला था।’’ सोनी ने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार राज्य में कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है लेकिन यह कोशिश सफल नहीं होगी।

बैठक में हिमाचल के सभी विधायकों ने सरकार का साथ देने की बात कही।

सूत्रों ने बताया कि बैठक में केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा राज्य सरकार को अस्थिर करने के प्रयासों को विफल करने के लिए साथ मिलकर लड़ने का फैसला लिया गया।

(पीटीआई के हवाले ख़बर)