वज़ारत-ए-दाख़िला ने तमाम रियास्तों के आला पुलिस और सियोल ओहदे दारों की एक मीटिंग को जो 9 मार्च को तय शूदा थी, मुल्तवी कर दी है ताकि एन सी टी सी पर तात्तुल को ख़तम किया जा सके, और अब ये इजलास 12 मार्च को मुनाक़िद किया जाएगा। चीफ़ सेक्रेटरीज़, डाइरेक्टर्स जनरल आफ़ पुलिस, रियास्ती मोतमिद यन दाख़िला और सरबराहान रियास्ती इन्सेदाद-ए-दहशतगर्दी स्काएड्स की मीटिंग मर्कज़ी मोतमिद दाख़िला ने तलब की थी ताकि एन सी टी सी के दायरा कार और काम काज पर तफ़सीली ग़ौर-ओ-ख़ौज़ किया जा सके।
वज़ारत-ए-दाख़िला ओहदेदारों ने कहा कि 9 मार्च की कान्फ्रेंस के प्रोग्राम में तब्दीली का फ़ैसला कई रियास्तों की दरख़ास्तों के पेशे नज़र किया गया कि होली त्योहार और हफ़्ते के आख़िर में तवील तातीलात के सबब कई ओहदेदार मुजव्वज़ा मीटिंग में शिरकत से क़ासिर रहेंगे।
बाअज़ ने 9 मार्च की मीटिंग से माज़रत करते हुए बताया कि उन्हें तैयारी का कोई मौक़ा नहीं मिला और वो इस कलीदी मसला पर अपनी राय अच्छे अंदाज़ में नहीं कर पाए। ग़ैर कांग्रेस चीफ़ मिनिस्टर्स की जानिब से परज़ोर एहतिजाजों के तनाज़ुर में मर्कज़ ने क़ौमी मर्कज़ इन्सेदाद-ए-दहशतगर्दी (एन सी टी सी) को यक्म मार्च से काबिल अमल बनाना मारज़ अलतवा में डाल दिया और फ़ैसला किया कि इस मंसूबा पर अमल आवरी से क़ब्ल रियास्ती हुकूमतों के साथ तबादला-ए-ख़्याल किया जाएगा।
10 वुज़राए आला को अपने मकतूब में वज़ीर-ए-दाख़िला पी चिदम़्बरम ने यक़ीन दिलाया कि एन सी टी सी पर आइन्दा इक़दामात रियास्तों के आला ओहदे दारों की मीटिंग के बाद ही किए जाएंगे।