कोलकता, ०४ दिसम्बर ( पी टी आई ) अचानक तबदीली में मर्कज़ी हुकूमत ने रीटेल शोबा में रास्त बैरूनी सरमाया कारी की इजाज़त देने के मुतनाज़ा फ़ैसला को मोख़र कर दिया है । ये फ़ैसला पार्लीमैंट में तात्तुल को ख़तन करने के लिए किया गया है ।
चीफ़ मिनिस्टर मग़रिबी बंगाल ममता बनर्जी ने आज यहां ऐलान किया कि मर्कज़ी वज़ीर फ़ीनानस मिस्टर परनब मुकर्जी ने इन से बात की है और बताया कि ये फ़ैसला मुअत्तल करदिया गया है । ममता बनर्जी की पार्टी इस फ़ैसले की शिद्दत से मुख़ालिफ़त कर रही थी ।
उन्होंने कहा कि ये मुअत्तली आरिज़ी नहीं है । जब तक इस मसला पर इत्तिफ़ाक़ राय नहीं होजाता ये मसला इलतिवा में रहेगा। अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि एक मख़लूत हुकूमत सिर्फ एक जमात के ख़्याल पर नहीं चलाई जा सकती । कोई भी पालिसी फ़ैसला उसी वक़्त होसकता है जब दो जमातों की राय एक हो जाए ।
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस हमेशा ही किसानों रीटेल ताजिरों और छोटे ताजिरों की हामी रही है । उन्हों ने इस फ़ैसला की मुख़ालिफ़त करनेवाली जमातों को मुबारकबाद दी । ममता बनर्जी ने ताहम एक इत्तिला की तरदीद की कि इन की हुकूमत एफडी आई मसला पर मर्कज़ की ताईद करने केलिए रियासत केलिए एक ख़ुसूसी पैकेज का मुतालिबा कर रही है ।
गुज़शता एक हफ़्ता से रास्त बैरूनी सरमाया की इजाज़त के मसला पर पार्लीमैंट की कार्रवाई तात्तुल का शिकार थी और अप्पोज़ीशन जमातें फ़ैसला से दसतबरदारी का मुतालिबा करते हुए एहतिजाज कर रही थीं।