ऐक्ट्रियस माधूरी दिक्षित ने अपनी आने वाली फ़िल्म गुलाब गैंग में ज़बर्दस्त ऐक्शण किए हैं जिसके लिए उन्हें टाईकोवन्डो तरीक़ा लड़ाई की वो तर्बियत बहुत काम आई जो उन्होंने अमेरिका में हासिल की थी जिसकी वजह से उन्होंने मुश्किल से मुश्किल ऐक्शण को भी आसानी से शूट करलिया।
उन्होंने कहा कि जिस वक़्त वो डेन्वर में थीं तो अपने बच्चों को टाईको विंडो की तर्बियत के लिए लेजाया करती थीं। मैं वहां बेकार बैठी रहती थी और बच्चों को वापिस ले जाने का इंतिज़ार करती रहती थी। एक दिन मैंने सोचा कि में अपना वक़्त क्यों ख़राब करूं। मीडिया को एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि इस तरह एक फ़ैमिली प्रोग्राम के तहत हम सब ने तर्बियत हासिल करने के लिए अपना नाम दर्ज करवा लिया।
हम ब्लैक बेल्ट के हुसूल से सिर्फ़ पाँच मराहिल की दूरी पर थे। इस तर्बियत ने उन्हें ऐक्शण करने में बहुत मदद की। माधूरी ने कहा कि उनकी रक़्स करने की महारत ने भी इस मुआमले में उनकी मदद की अलबत्ता शावलीन और किंग फ़ो के कुछ ऐक्शण करने के लिए उन्हें कनिष्का शर्मा ने तर्बियत फ़राहम की। ये कहानी बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश की है जहां ख्वातीन का एक ग्रुप समाजी नाइंसाफ़ी के ख़िलाफ़ सरगर्म होजाता है। माधूरी दिक्षित के इलावा जूही चावला भी इस फ़िल्म में मनफ़ी किरदार में नज़र आयेंगी। गुलाब गैंग 7 मार्च को रीलीज़ होरही है।