हैदराबाद 9 जुलाई (सियासत न्यूज़) अक़लीयती इदारों की कारकर्दगी और उन से मरबूत शिकायात का जायज़ा लेने महकमा अक़लीयती बहबूद के शिकायती सेल का इजलास आज हज हाउज़ नामपल्ली में मुनाक़िद हुआ।
अवाम की कसीर तादाद ने अक़लीयती फाइनेंस कारपोरेशन के ओहदेदारों से रुजू होकर साल गुज़िश्ता की स्कालरशिप्स और फीस बाज़ अदायगी की रक़ूमात ना मिलने की शिकायत की। इस के इलावा वक़्फ़ बोर्ड से भी बाअज़ अफ़राद रुजू हुए और औक़ाफ़ी जायदादों की निशानदेही करते हुए उन के तहफ़्फ़ुज़ पर ज़ोर दिया।
सेक्रेट्री डायरेक्टर उर्दू अकेडमी प्रोफेसर एस ए शकूर , एग्जीक्यूटिव ऑफीसर हज कमेटी एम ए हमीद , मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्चन फाइनेंस कारपोरेशन ऊमा शंकर, जेनरल मैनेजर अक़लीयती फाइनेंस कारपोरेशन विलायत हुसैन और वक़्फ़ बोर्ड के ओहदेदारों ने शिकायती सेल में अवामी शिकायात की समाअत की।
तलबा और औलियाए तलबा ने शिकायत की कि गुज़िश्ता साल की स्कालरशिप और फीस बाज़ अदायगी की रक़ूमात अभी तक वसूल नहीं हुई हैं , जिस के बाइस तलबा को तालीमी इदारों में मुख़्तलिफ़ मसाइल का सामना है।
अक़लीयती बहबूद के शिकायती सेल में वक़्फ़ बोर्ड से मुताल्लिक़ कई नुमाइंदगीयाँ और शिकायात वसूल होती हैं लेकिन अक्सर ये देखा गया है कि वक़्फ़ बोर्ड से कोई आला ओहदेदार समाअत के लिए मौजूद नहीं होता।
सिर्फ़ जूनीयर मुलाज़मीन को ही शिकायती सेल में रखा जाता है। इंचार्ज चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर वक़्फ़ बोर्ड एम ए ग़फ़्फ़ार भी शिकायती सेल में मौजूद नहीं थे।