कनिमोज्ही और दीगर चार मुल्ज़िमीन की ज़मानत की राह हमवार

नई दिल्ली 25 अक्तूबर (पी टी आई) 2G असपीकटरम तख़सीस अस्क़ाम मुक़द्दमा में डी ऐम के रुकन पार्लीमान कनिमोज्ही और दीगर चार मुल्ज़िमीन की ज़मानत के इमकानात रोशन होगए हैं क्योंकि सी बी आई ने आज दिल्ली अदालत में इन तमाम की दरख़ास्त ज़मानत की मुख़ालिफ़त नहीं की।

अदालत ने अपना फ़ैसला 3 नवंबर तक महफ़ूज़ रखा। कन्नी मोज़ही ,कलाएगना टी वी के मैनेजिंग डायरैक्टर शरद कुमार, कोसे गो फ़रुट्स ऐंड वेजीटेबलस के डायरैक्टर आसिफ़ बुलवा और राजीव अग्रवाल के इलावा बाली वुड प्रोडयूसर करीम मोरानी ने आज 2G असपीकटरम मुक़द्दमा में फ़र्द-ए-जुर्म आइद होजाने के बाद ज़मानत की दरख़ास्त पेश की।

सी बी आई ने इन पाँच मुल्ज़िमीन की दरख़ास्त की मुख़ालिफ़त नहीं की, ताहम स्वान टेलीकॉम के प्रोमोटर शाहिद बुलवा और साबिक़ वज़ीर टेलीकॉम ए राजा के साबिक़ प्राईवेट सैक्रेटरी आर के चंडोलीया की दरख़ास्त पर एतराज़ किया और कहा कि इन दोनों के ख़िलाफ़ जो मख़सूस इल्ज़ामात वज़ा किए गए हैं, उन के तहत ज़्यादा से ज़्यादा सात साल जेल की सज़ा होसकती है।

स्पेसल पब्लिक प्रासीक्यूटर यू यू ललित ने ज़मानत की मुख़ालिफ़त ना करने का वजूहात बताते हुए कहा कि कन्नीमोज़ही और दीगर चार मुल्ज़िमीन मख़सूस इल्ज़ामात का सामना कर रहे हैं जिस के तहत उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा पाँच साल की सज़ाए क़ैद होसकती है।

उन्होंने कहा कि इस मरहले पर शाहिद बुलवा और चण्डू लिया को अलग ज़ुमरे में रखा जाना चाआई, क्योंकि इन दोनों के ख़िलाफ़ जो इल्ज़ामात हैं इस पर सात साल की सज़ाए क़ैद होसकती है।

यू यू ललित ने ख़ुसूसी सी बी आई जज ओ पी सावनी को बताया कि वो इस मरहले पर मुल्ज़िमीन चण्डू लिया और शाहिद बुलवा की दरख़ास्त ज़मानत की मुख़ालिफ़त कर रहे हैं।

जहां तक कन्नीमोज़ही और दीगर चार मुल्ज़िमीन का ताल्लुक़ ही, यू यू ललित ने कहा कि उन्हें ज़मानत देने का फ़ैसला अदालत के दाइरा-ए-इख़तियार में है। पब्लिक प्रासीक्यूटर ने कहा कि हमें इन पाँच मुल्ज़िमीन की ज़मानत पर कोई एतराज़ नहीं और हम उन की दरख़ास्त की मुख़ालिफ़त भी नहीं करेंगी।

उन्हों ने कहा कि हर मुल्ज़िम ने तहवील में कितना वक़्त गुज़ारा, उस ताल्लुक़ से वो कुछ नहीं कह सकता लेकिन वो पाँचता छः माह जेल में रहे चुनांचे अदालत उन की दरख़ास्त ज़मानत पर ग़ौर करसकती ही। अदालत इस ताल्लुक़ से अपना फ़ैसला 3 नवंबर को सुनाएगी। ऐडवोकेट वजए अग्रवाल ने शाहिद बुलवा और चण्डू लिया की तरफ़ से जज के रूबरू बेहस की, जिस के बाद अदालत ने इन तमाम सात मुल्ज़िमीन की दरख़ास्त ज़मानत पर बेहस मुकम्मल कर ली।