कश्मीरी तलबा के ख़िलाफ़ इल्ज़ाम से दस्तबर्दारी: अखिलेश

नेशनल कान्फ़्रेंस पार्टी लीडर मुस्तफ़ा कमाल ने अखिलेश यादव की क़ियादत वाली हुकूमत यू पी का मेरठ के दो मुस्लिम तलबा के ख़िलाफ़ क़ौम दुश्मनी मुआमले से दस्तबर्दार होने पर शुक्रिया अदा किया। ये तलबा गुजिश्ता इतवार को पाकिस्तान के हाथों हिंदुस्तानी क्रिकेट टीम की हार‌ पर ख़ुशियां मनाई थीं।

इस मौके पर कमाल ने कहा कि ये एक ख़ुश आइंद फ़ैसला है जिसके लिए अखिलेश यादव ने ज़र्रा बराबर भी ताख़ीर नहीं की। उन्होंने कहा कि इस फ़ैसला से बहुत सी बातें ख़ुद दरुस्त होगईं। कुछ सियासी पार्टियां हैं जो इस वाक़िया को सियासी रंग देना चाहते थें, लेकिन उन्हें इस का मौक़ा ही नहीं मिला। मुस्तफ़ा कमाल ने जुमेरात के रोज़ कहाँ था कि तलबा ने जो कुछ कहा वो ग़लत था। उन का फ़र्ज़ था कि वो स्पोर्टस मैन की तरह बरताव‌ करते लेकिन उन्होंने सियासतदानों की तरह‌ बरताव‌ किया।

मज़हब इस्लाम की भी यही तालीम है कि हमें अपने वतन से मुहब्बत करनी चाहिए और इसका वफ़ादार रहना चाहिए। उन्हें अपने जज़बात पर कंट्रोल रखना चाहिए था और बरसर-ए-आम ख़ुशियां मनाने से इजतिनाब करना चाहिए था। याद रहे कि स्वामी वीवेका नंद सुबहारती यूनीवर्सिटी मौक़ूआ मेरठ ने गुजिश्ता एशिया कप के एक अहम मैच में पाकिस्तान की हिंदुस्तान के ख़िलाफ़ फ़तह पर ज़बर्दस्त ख़ुशियां मनाने वाले 67 कश्मीरी तलबा यूनीवर्सिटी हॉस्टल से ख़ारिज कर दिया था।