क़ादियानीयों के ख़िलाफ़ फ़ैसला का ख़ौरमक़दम

जमईतुल उल्मा-ए-मकथल और मुस्तक़र के दानिश्वर, ज़मा-ए- मिल्लत और क़ाइदीन-ओ-दीनी और इल्मी हलक़ों ने आंधरा प्रदेश स्टेट वक़्फ़ बोर्ड की जानिब से क़ादियानीयों को ग़ैर मुस्लिम क़रार देने और उन की वक़्फ़ आराज़ीयात और उनकी इबादतगाहों को हिन्दू वक़्फ़ में शामिल किए जाने के ऐलान का ज़बरदस्त ख़ौरमक़दम करते हुए मुल़्क की औक़ाफ़ की तारीख़ का पहला जरा॔तमनदाना-ओ-तारीख़ साज़ फ़ैसला क़रार दिया और कहा कि बातिल तहरीकों और लादीनी ताक़तों के इंसेदाद और इसके सद्द-ए-बाब के लिए ये फ़ैसला पूरे मुल्क के लिए संग-ए-मेल साबित होगा। जमईतुल उल्मा-ए-मकथल ने ताज ख़तम नबुव्वत ई के तहफ़्फ़ुज़ के लिए सदर नशीन वक़्फ़ बोर्ड ख़ुसरो पाशा ब्याबानी और उनके काबिल-ए-क़दर मुअज़्ज़िज़ अरकान के मुजाहिदाना और सरफ़रो शाना जज़बा की तहे दिल से क़दर करते हुए उन्हें मुबारकबाद पेश की और दा-ए-की कि अल्लाह ताला उनकी इस मुख़लिसाना कोशिशों को फ़ित्ना क़ादियानियत की सरकूबी और इस फ़ित्ना के रोय ज़मीन से ख़ातमा का ज़रीया बनाई।