कांग्रेस को बी जे पी या पी डी पी ने शिकस्त नहीं दी

जम्मू

रियासत जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस को बी जे पी या पी डी पी ने शिकस्त नहीं दी बल्कि पार्टी की दाख़िली गिरोह बंदी और पार्टी कारकुनों को बरसर‍-ए‍-इक़्तेदार होने के दौरान नजरअंदाज़ करने की वजह से असेम्बली इंतेख़ाबात में पार्टी को नाकामी का मुँह देखना पड़ा । सदर प्रदेश कांग्रेस जम्मू-कश्मीर ग़ुलाम अहमद मीर ने आज एक रोज़ा कनवेनशन बराए ज़िलई सदर से ख़िताब करते हुए ये बात कही।

इस जलसे में क़ाइद अपोज़ीशन लोक सभा ग़ुलाम नबी आज़ाद भी मौजूद थे। ग़ुलाम अहमद मीर ने कहा कि वो ऐसे अफ़राद को क़तई बर्दाश्त नहीं करेंगे जो पार्टी को तबाह करदेना चाहते हैं। कांग्रेस को इसके अपने लोगों ने अंदर से तबाह किया है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे तबाह करने वाले उन के अपने क़रीबी लोग भी हो तो भी उन्हें बर्दाश्त नहीं करेंगे।

ग़ुलाम अहमद मीर को गुज़िशता मार्च में रियासती कांग्रेस पार्टी का सदर मुक़र्रर किया गया है जबकि असेम्बली इंतेख़ाबात में कांग्रेस को शर्मनाक शिकस्त हुई थी। उन्होंने कहा कि उनके गुज़िशता 60रोज़ा दौरे का तख़मीना करने पर उन्हें पता चला कि असेम्बली इंतेख़ाबात में पार्टी की नाकामी की दो बड़ी वजूहात हैं।

एक तो पार्टी में दाख़िली गिरोह बंदी और दूसरी कांग्रेस कारकुनों को पार्टी क़ियादत की जानिब से नजरअंदाज़ करदेना है जब कि पार्टी रियासत में बरसर‍-ए‍-इक़्तेदार थी। उन्होंने कहा कि 2002 से कांग्रेस रियासत में 12साल तक बरसर‍-ए‍-इक़्तेदार रही इसके असेम्बली में वुज़रा वुज़राए ममलकत और रियासती हुकूमत में आला ओहदों पर मौजूद अफ़राद थे लेकिन पार्टी कारकुनों को नजरअंदाज़ किया गया ।

उन्हें कोई बावक़ार-ओ-बाइज़्ज़त मुक़ाम नहीं दिया गया हालाँकि यही लोग 2002 और 2008 की इंतेख़ाबी कामयाबीयों के ज़िम्मेदार थे ।014 के इंतेख़ाबात में उन्हें नजरअंदाज़ करने का नतीजा नाकामी की सूरत में मंज़रे आम पर आया। उन्होंने ग्रुप बंदी का ख़ातमा करने की और पार्टी कारकुनों का एहतेराम करने की अपील की और कहा कि हमें कांग्रेस में गिरोह बंदीयों की ताक़त के दरवाज़े बंद करने होंगे ताकि पार्टी को ताक़तवर बनाया जाये। उन्होंने कहा कि कारकुन पार्टी की रीढ़ की हड्डी है इस लिए उन्हें ताक़तवर बनाया जाना चाहिए।