कांग्रेस छोटी रियासतों बिशमोल तेलंगाना की मुख़ालिफ़ नहीं

नई दिल्ली, 4 जून: ( पी टी आई ) इन इत्तेलाआत के दौरान कि कांग्रेस पार्टी हस्सास तरीन मसला तेलंगाना पर जारीया महीने कोई फैसला कर सकती है कांग्रेस ने आज कहा कि वो छोटी रियासतों बिशमोल तेलंगाना की तशकील के ख़िलाफ़ नहीं है ताहम इस ने एतराफ़ किया कि ये एक मुश्किल मसला है जिसे हल करना आसान नहीं होगा इसके इलावा इसके लिए वक़्त भी दरकार है ।

कल हिंद कांग्रेस की प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान नामानिगारों के सवालात के जवाब देते हुए पार्टी तर्जुमान शकील अहमद ने कहा कि हम छोटी रियासतों बिशमोल तेलंगाना की तशकील के ख़िलाफ़ नहीं है इस मसले पर इत्तिफ़ाक़ राय पैदा करने की कोशिशें जारी हैं और सिर्फ़ मुताल्लिक़ा जनरल सेक्रेटरी ग़ुलाम नबी आज़ाद ये कहने के मौक़िफ़ में हो सकते हैं कि बात चीत में क्या हो रहा है ।

इस तवज्जा दहानी पर कि ग़ुलाम नबी आज़ाद ये कह चुके हैं कि मसला तेलंगाना पर जारीया महीने फैसला किया जाएगा तो क्या एक महीने का मतलब 30 दिन ही है शकील अहमद ने कहा कि हाँ अगर हमारे जनरल सेक्रेटरी ने ये कहा है तो फिर उन के ज़हन में कुछ ना कुछ ज़रूर होगा ।

इस सवाल पर कि आया मसला तेलंगाना को हल करना बहुत मुश्किल है अहमद ने कहा कि ये एक मुश्किल मसला है इस ताल्लुक़ से कई इज़हार ए ख़्याल किए जा रहे हैं और ये वक़्त तलब अमल है । अहमद ने ये रिमार्कस ऐसे वक़्त में किए हैं जबकि कांग्रेस कोर कमेटी ने गुज़शता हफ़्ते मुनाक़िदा अपने इजलास में अलैहदा तेलंगाना मुतालिबा पर ग़ौर किया था और आज़ाद ने कल ये इशारा दिया था कि मसला तेलंगाना पर पार्टी जारीया महीने में कोई फैसला कर सकती है।

आज़ाद ने ये बयान ऐसे वक़्त में दिया था जब कांग्रेस के दो अरकान पार्लियामेंट ने पार्टी से अलैहदगी इख़्तेयार कर ली थी और तेलंगाना राष़्ट्रा समीति में शमूलीयत इख्तेयार की थी । उन्होंने शिकायत की थी कि मर्कज़ी हुकूमत तशकील तेलंगाना के ताल्लुक़ से संजीदा नहीं है ।

आज़ाद ने कल कहा था कि तेलंगाना कांग्रेस के लिए एक तरजीह है और पार्टी इस पर संजीदगी से ग़ौर कर रही है । इस ताल्लुक़ से तमाम फ़रीक़ैन से बात चीत और तबादला ख़्याल जारी है । रियासत के तीनों ही इलाक़ों में इत्तिफ़ाक़ राय पैदा करने की कोशिश की जा रही है ।

उन्होंने कहा था कि बहुत मुम्किन है कि मर्कज़ी हुकूमत जारीया महीने ही इस ताल्लुक़ से कोई फैसला कर ले । इत्तेलाआत में कहा गया था कि कांग्रेस के लिए अलैहदा रियासत तेलंगाना तशकील देने का अमल आसान नहीं हो सकता क्योंकि सीमा आंधरा से ताल्लुक़ रखने वाले क़ाइदीन ने उसकी शिद्दत से मुख़ालिफ़त की है ।

ताहम मुवाफ़िक़ तेलंगाना क़ाइदीन ने भी पार्टी क़ियादत पर वाज़िह कर दिया है कि तेलंगाना मसले पर मज़ीद टाल मटोल से काम अगर लिया जाता है तो इससे आइन्दा आम इंतेख़ाबात में कांग्रेस के इंतिख़ाबी इम्कानात बुरी तरह मुतास्सिर हो सकते हैं।

पार्टी अब इस मसले की यकसूई पर संजीदगी से ग़ौर कर रही है ।