साधु संतों ने राम मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार को डेडलाइन दे दी है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) की उच्चस्तरीय समिति की बैठक के बाद शुक्रवार को संतों ने सरकार के सामने मांग रखी है कि वह राम मंदिर के लिए शीतकालीन सत्र में संसद में कानून लेकर आए।
दिल्ली में हुई बैठक के बाद संतों ने कहा कि सरकार कानून लेकर नहीं आती है तो 31 जनवरी और पहली फरवरी को धर्मसंसद बैठेगी जो इस मुद्दे पर अपनी आगे की रणनीति तय करेगी। संतों ने बैठक के बाद इस संबंध में एक मेमोरेंडम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपा।
इस मुद्दे पर विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री लोकसभा और राज्यसभा का संयुक्त सत्र बुलाकर कानून बनाएं, वीएचपी ने कहा है राम मंदिर का मामला कोर्ट में होना कानून बनाने की राह में कोई बाधा नहीं है। बीएचपी ने कहा है कि 2018 का सूर्य अस्त होने से पहले राम मंदिर को लेकर सारी स्थिति साफ होनी चाहिए।
रामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य और पूर्व सांसद राम विलास वेदांती ने इंडिया टीवी से कहा कि सरकार को अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए कानून पास करना चाहिए। वेदांती ने कहा कि इस संबंध में सरकार को उसी तरह से फैसला लेना चाहिए जैसा उसने एससी/एसटी एक्ट में लिया था।