कोंडानकलम न्यूक्लीयर प्लांट : हुकूमत एहतिजाजियों से बात करते हुए मसले की यकसूई करे : करूणानिधि

चेन्नई, 06 अप्रेल: डी एम के सरबराह एम करूणानिधि ने जया ललीता हुकूमत को इंतिबाह दिया कि कोंडानकलम न्यूक्लियर प्लांट की मुख़ालिफ़त करने वालों की आवाज़ को पुलिस फ़ोर्स का इस्तिमाल करते हुए दबाया जा रहा है जबकि ज़रूरत इस बात की है कि हुकूमत उन से बातचीत करते हुए इस मामले की यकसूई का कोई रास्ता निकाले ताकि बाहम रज़ामंदी से मसला हल होजाए।

89 साला साबिक़ वज़ीरे आला ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि इक़तिदार के निशा में किसी को ये नहीं भूलना चाहिए कि अवाम की वजह से ही उन्हें इक़तिदार मिलता है और अगर अवाम का एक तबक़ा न्यूक्लियर प्लांट की मुख़ालिफ़त कर रहा है तो उन के साथ ताक़त का इस्तिमाल करते हुए उन की आवाज़ को दबाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए बल्कि उन के नुमाइंदों को तलब कर के बातचीत के ज़रिये मसले का हल निकाला जा सकता है।

एक बयान जारी करते हुए करूणानिधि ने इस रिपोर्टस का हवाला दिया जहां ये कहा गया था कि हिंद। रूस मुशतर्का वेंचर के पहले यूनिट का टेस्ट कामयाबी से किया गया और हुक्काम ने इस सिलसिले में अवाम के ख़दशात को बेबुनियाद क़रार दिया। याद रहे कि कोंडानकलम के अवाम इस बात से परेशान थे कि न्यूक्लियर प्लांट से अवाम की ज़िंदगी को ख़तरात लाहक़ हैं क्योंकि न्यूक्लियर ताबकारी से पूरा इलाक़ा मुतास्सिर हो सकता है।

बहरेहाल करूणानिधि ने प्लांट डायरेक्टर के बयान का भी हवाला दिया कि प्लांट की मौजूदगी से माहौलियात या अवाम की ज़िंदगी को कोई ख़तरात लाहक़ नहीं,लेकिन जहां इतने तीकनात दिए गए हैं वहीं अवाम के एक तबक़े ने न्यूक्लियर पावर प्लांट के मुलाज़मीन की कालोनियों की नाका बंदी करदी थी,क्योंकि पहले यूनिट की आज़माइश का सिलसिला शुरू किया जा चुका था।

करूणानिधि ने इस मौक़े पर गुज़िश्ता साल सितम्बर में दिए गए अपने एक बयान का भी हवाला दिया जो उन्होंने उस वक़्त दिया था जब पुलिस ने एहतिजाज करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की थी। उन्होंने उस वक़्त भी यही बात कही थी कि मर्कज़ी और रियासती हुकूमतों को एहतिजाज करने वालों के नुमाइंदों को तलब करते हुए बातचीत करनी चाहिए ताकि इस मसले का कोई ख़ुशगवार नतीजा सामने आसके।