कोयला अस्क़ाम पर एहतिजाज , जय डी यू की एन डी ए से दूरी

सी ए जी रिपोर्ट पर हुकूमत के ख़िलाफ़ एहतिजाज के तरीका-ए-कार के बारे में ऐसा मालूम होता है कि जय डी (यू) ने एन डी ए से अपना नाता तोड़ लिया है और इस मसले पर पारलीमानी कार्रवाई में ख़लल अंदाज़ी करने के ख़िलाफ़ ज़हनी तहफ़्फुज़ात का इज़हार करते हुए बेहस की हिमायत की है जिस (बेहस) केलिए बी जे पी तैय्यार नहीं है।

जय डी (यू) के एक सीनीयर लीडर ने कहा कि अगरचे उन की पार्टी महिज़ एन डी ए में इत्तिहाद की ख़ातिर एक दो दिन तक बी जे पी की तरफ़ से किए गए फ़ैसले से इत्तिफ़ाक़ करेगी लेकिन वो ये भी महसूस करती है कि वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह के मुस्ताफ़ी होने तक पार्लीमैंट की कार्रवाई को रोक देने के फ़ैसले की ताईद नहीं की जा सकती क्योंकि दीगर जमातें भी इस किस्म के एहतिजाज पर मुत्तफ़िक़ नहीं हैं।

जय डी (यू) के ज़राए ने कहा कि इस पार्टी के सदर शरद यादव के गुज़िश्ता रोज़ मुनाक़िदा एन डी ए के इजलास(मिटींग‌) में बी जे पी क़ाइदीन से कहा था कि इस मसले पर पार्लीमैंट की कार्रवाई का बाईकॉट जारी रखने की इस वक़्त तक कोई माक़ूल वजह नहीं हो सकती तावक़तीके दीगर अप्पोज़ीशन जमातें भी इस में शामिल ना होजाएं।

मिस्टर शरद यादव की इस जारि हाना बेहस के बाद एन डी ए क़ाइदीन ने मुख़्तलिफ़ गैर कोंग्रेसी सयासी जमातों से बात चीत करते हुए इस मसले पर उन के मूड को समझने की कोशिश करने का फ़ैसला किया था।