कोहिनूर हमारा है, वापिस नहीं करेंगे: कैमरोन

अमृतसर, 22 फ़रवरी: वज़ीरे आज़म बर्तानिया डेविड कैमरोन ने कहा कि तारीख़ी हीरा कोहिनूर को वापिस करने के लिए दबाव‌ बढ़ता जा रहा है, लेकिन हम इस कोहिनूर को वापिस नहीं करेंगे, क्योंकि ये हीरा हमारा है। अपने दौरा ए हिंद के तीसरे और आख़री दिन अख़बारी नुमाइंदों से बात करते हुए कैमरोन ने 105 क़ीरात के हीरा कोहिनूर को हिन्दुस्तान वापिस करने के इमकान को मुस्तर्द कर दिया।

ये हीरा उस वक़्त टावर आफ़ लंदन में रखा गया है। इस हीरे को मौजूदा मलिका एलज़ीबथ की मरहूम वालिदा के लिए रवाना किया गया था। दुनिया का सब से क़ीमती और बड़े हीरों में से एक हीरा है। महात्मा गांधी के पड़पोतरे के बिशमोल बाज़ हिन्दुस्तानियों ने इस क़ीमती हीरे को हिन्दुस्तान वापिस करने का मुतालिबा किया है। कैमरोन ने आज अख़बारी नुमाइंदों से कहा कि इस ताल्लुक़ से कुछ कहने का मुनासिबे वक़्त नहीं है।

वज़ीरे आज़म कैमरोन जिन्होंने कल 1919 में अमृतसर में जलियान वाला बाग़ में निहत्ते शहरियों के क़त्ले आम के मुक़ाम का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि इस ताल्लुक़ से दरुस्त जवाब बर्तानवी म्यूज़ियम और दीगर सक़ाफ़्ती इदारे ही दे सकते हैं। आया इस क़ीमती तारीख़ी शए के ताल्लुक़ से क्या किया जाना चाहीए, इस का फ़ैसला यही लोग करेंगे। बिलाशुबा मेरा ईक़ान ये हैकि वापसी का दौर अब ख़त्म होगया है। 1850 में मलीका विक्टोरिया को ये हीरा पेश किया गया था।