नई दिल्ली, 12 दिसंबर: (पीटीआई) रीटेल शोबा में एफडी आई पर पार्लीमेंट में अक्सरीयत तैयार करने का कांग्रेस पर इल्ज़ाम आइद करते हुए सी पी आई एम ने ये जानना चाहा कि क्या अमेरीकी रीटेल इदारा वाल मार्ट ने इस मक़सद के लिए फ़ंड फ़राहम किए थे?
सी पी आई एम के सीनीयर लीडर सीताराम यचूरी ने कहा कि इस मुआमला की आज़ादाना और आजलाना तहक़ीक़ात ज़रूरी है। ये मालूम किया जाना चाहीए कि वाल मार्ट ने पैरोकारी के लिए जो रक़म सिर्फ़ की क्या इसमें रिश्वत भी दी थी।
उन्होंने महाराष्ट्रा में एनरॉन पावर प्रोजेक्ट मुआमला का भी हवाला दिया और कहा कि अमेरीकी तवानाई शोबा से ताल्लुक़ रखने वाली ये फ़र्म इस वक़्त माली बोहरान का शिकार हो चुकी है और इस कंपनी ने भी हिंदूस्तानी ओहदेदारों को कंपनी के बारे में मालूमात फ़राहम करने के लिए रक़म ख़र्च की थी। यचोरी ने कहा कि वाल मार्ट हिंदूस्तान को एक बड़ी मार्केट तसव्वुर करती है और इसका ये अंदाज़ा है कि हिंदूस्तान में रीटेल मार्केट तक़रीबन 500 बिलीयन डालर की है जो 2020 तक बढ़ कर एक ट्रीलीन डालर तक पहुंच सकती है।
उन्होंने कहा कि वाल मार्ट ऐसे वक़्त हिंदूस्तान पर नज़र रखी हुई है जब अमेरीका और यूरोप आलमी मआशी सुस्त रवी से दो-चार है और बर्तानिया ने योरोपी यूनीयन से अलहैदगी इख्तेयार करने की धमकी दी है। इससे साफ़ ज़ाहिर है कि वाल मार्ट को हिंदूस्तान से नहीं बल्कि सिर्फ़ यहां मुनाफ़ा हासिल करने में दिलचस्पी है।