रोजगार की तालाश में खाड़ी देशों में नौकरी करने जाते कम पढ़े-लिखे लोग जो पहले आसानी से वहां जाकर रोजी-रोटी कमा सकते थे। सरकार की बदौलत अब उन लोगों को खाड़ी देशों में जाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार के बदले नियमों को लेकर परेशान लोगों का दुखड़ा सुनने वाला कोई भी नहीं है। ऐसे में इस मामले को सरकार के कानों तक पहुंचाने का जिंम्मा लिया है नया कारवां नाम के एक एनजीओ ने जिसके अध्यक्ष है जाने-माने सोशल वर्कर आफताब फ़ाज़िल।
इन्होने केंद्र सरकार और अन्य मंत्रालयों को चिट्ठी लिख कर इस मामले पर गौर करने की गुज़ारिश की है। हमारे संवादाता ए.च अंसारी से बात करते हुए इन्होने ने कहा है कि जब तक सरकार इस मामले को लेकर कोई कदम नहीं उठाती वह पीछे नहीं हटने वाले और अपनी लिखी चिट्ठी की एक कॉपी सांझी की है जो हम आप तक लाएं हैं।
सेवा में,
माननीय प्रधानमंत्री
भारत सरकार
विषय: विदेशो में नौकरी करके विदेशी पूंजी को भारत लाने वाले प्रवासियों के प्रवास में आने वाली समस्याओ के सम्बन्ध में पत्र
मान्यवर,
भारत एक विशाल जनसँख्या वाला देश है इसी कारण केंद्र व राज्य सरकारें जनसंख्या के अनुरूप पर्याप्त रोज़गार उपलब्ध करने में असमर्थ हैं जिसके कारण सरकारों पर रोज़गार उपलब्ध कराने का दबाव बना रहता है सरकारों द्वारा विभिन्न प्रयासों के बावजूद भी बेरोजगारी की दर तेज़ी से बढती ही जा रही है इसी कारण बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रोज़गार कि तलाश में खाड़ी देशो में जा रहे हैं जिससे भारत को भी विभिन्न प्रकार के लाभ होते हैं जिनमे कुछ प्रमुख इस प्रकार हैं-
1. बेरोजगारों की संख्या कम होती है व सरकारों पर से रोज़गार उपलब्ध कराने का दबाव भी कम होता है
2. प्रवासियों द्वारा बड़ी संख्या में विदेशी पूंजी भारत भेजी जाती है जिसकी सहायता से भारत की आर्थिक दशा में सुधार होता है
परन्तु वर्तमान समय में भारत सरकार द्वारा कुछ ऐसी नीतियाँ लागू कर दीं गयी हैं जिसके कारण प्रवास में भारी कमी आई है जिससे देश में बेरोज़गारी भी बढ़ रही है व विदेशी पूंजी भी भारत आनी कम होती जा रही है इसी मुद्दे से सम्बंधित कुछ बिन्दुओ पर संस्था आपका ध्यान आकर्षित करा रही ताकि आप उचित संज्ञान लेकर प्रवास सम्बन्धी समस्याओ का समाधान करें-
न्यूनतम वेतन सम्बन्धी आदेश
सरकार कि ओर से खाड़ी देशो की कंपनियों को न्यूनतम वेतम सम्बन्धी दिशा निर्देश जारी किये गए हैं जिसके अनुसार भारत के मजदूरों को कंपनी न्यूनतम 1700 रियाल प्रतिमाह वेतन देगी जबकि कम्पनियाँ न्यूनतम 1000-1100 रियाल तक का वेतन दे रही है व कंपनियों को इतने ही वेतन पर नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान, भूटान, बांग्लादेश इत्यादि से मजदूर उपलब्ध हो रहे हैं व भारतीय मजदूर भी कम वेतन पर काम कर रहें हैं या करने के लिए तैयार हैं ऐसी दशा में कोई भी कम्पनी भारतीय मजदूरों को अधिक वेतन नहीं देगी क्योकि कम्पनियों के पास मजदूर देने के लिए कई अन्य देश तेयार हैं
भारतीय दूतावास से कंपनियों का अनिवार्य दौरा
खाड़ी देशो में भारत सरकार द्वारा भारतीय दूतावास को निर्देश दिए गए है कि वह पहले रोज़गार का वीज़ा देने वाली कम्पनियों का दौरा करें व उसके बाद ही मंज़ूरी दें परन्तु दूतावास द्वारा एक दिन में मात्र २-3 कंपनियों का दौरा ही किया जाता है इस सम्बन्ध में भारतीय दूतावास का साफ़ कहना है कि एक दिन में इससे ज्यादा कंपनियों का दौरा नहीं किया जा सकता जिसके कारण बड़ी संख्या में वीज़ा की समय सीमा भी समाप्त हो रही है व लोग खाड़ी देशो में रोज़गार पाने से वंचित हो रहे हैं
Emigrant संबधित समस्या
प्रवास के लिए जो ऑनलाइन प्रोसिजर आरंभ किया गया है उसकी सभी शर्ते पूरी करने में लगभग 4-6 महीने का समय लग रहा है जो बहुत अधिक है जबकि वीज़ा अवधि इससे कम होती है जिसके कारण लोग विदेश में नौकरी करने नहीं जा पा रहे हैं
हाईस्कूल पास की अनिवार्यता
भारत से बड़ी संख्या में लोग मजदूरी करने जाते हैं जिनमे से अधिकांशत: व्यक्ति दसवी पास नहीं होते व उनका पासपोर्ट भी अनपढ़ के आधार पर ही बनाया जाता है जिस पर इमिग्रेशन चेक रेकुवायर लिखा होता पुराने नियमो में पहले लोग प्रवास से पहले इमिग्रेशन के नियमानुसार अपनी सारी डिटेल इमिग्रेशन डिपार्टमेंट से क्लियर करते और विदेश नौकरी करने जाते थे परन्तु नए नियमो के अनुसार अब जिन व्यक्तियों का पासपोर्ट दसवी कक्षा के आधार पर बना हुआ नहीं होगा वह लोग अब खाड़ी देशो में नौकरी करने हेतु नहीं जा सकेंगे जिसके कारण भारत से प्रतिवर्ष खाड़ी देशो में मजदूरी के लिए जाने वाले लगभग 8 लाख लोग प्रभावित होंगे जिससे भारत पर बेरोजगारी का दबाव बढ़ जायेगा
अत: आपसे निवेदन है कि उपरोक्त मामले में उचित संज्ञान लेकर प्रवास सम्बंधित मुद्दे पर विचार करें व बेरोज़गारी कम करने के लिए आवश्यक उपाय करते हुए भारतीय नागरिको के रोज़गार के लिए विदेश जाने के अवसर को बढ़ावा देने की नीति अपना कर भारत को संपन्न राष्ट्र बनाने की दिशा में सहयोग करें
धन्यवाद्
प्रतियां
श्रीमति सुषमा स्वराज (विदेश मंत्री)
श्रीमति वसुंधरा राजे (मुख्यमंत्री राजस्थान)
श्री राम विलास पासवान (मंत्री खाद्य एवम आपूर्ति विभाग)
श्री अखिलेश सिंह यादव (मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश)
श्री नितीश कुमार (मुख्यमंत्री बिहार, अध्यक्ष जनता दल यूनाइटेड)
श्री लालू प्रसाद यादव (अध्यक्ष राष्ट्रीय जनता दल)
श्री आज़म खान (संसदीय कार्य मंत्री)
श्री अरविन्द केजरीवाल (मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार)
श्री शाहनवाज़ हुसैन (वरिष्ठ नेता)
श्री मुख़्तार अब्बास नकवी (अल्पसंख्यक मामलो के मंत्री)
आफताब फ़ाज़िल
अध्यक्ष (नया कारवां)