हैदराबाद 24 मई:गर्वनमैंट जूनीयर कॉलेज (गर्लज़) नलगोंडा के रयाज़ी, ज़वालोजी, तारीख और उर्दू के लेक्चररस का मुतबादिल तबादला के बगैर तबादला कर दिए जाने के बाइस कॉलेज में ज़ेर तालीम तालिबात का मुस्तक़बिल ख़तरे में पड़ गया है।
कॉलेज में दुसरे मज़ामीन के लेक्चररस की जायदादें मख़लवा हैं। मुतबादिल इंतेज़ामात के बगैर कॉलेज के लकचररस के तबादला के अहकामात की तंसीख़ के लिए नलगोंडा के टीचर्स क़ाइदीन और ओलयाए तलबा मुख़्तलिफ़ सतहों पर नुमाइंदगीयाँ करते आरहे हैं मगर सरकारी हुक्काम अपने गैर दानिशमंदाना फैसले को वापिस लेने आमादा दिखाई नहीं देते।
जनाब ज़ाहिद अली ख़ान एडीटर सियासत से नलगोंडा के एक वफ़द ने जिन में मुहम्मद ज़िया उद्दीन साबिक़ रुकन बोर्ड आफ़ डायरेक्टर उर्दू एकेडेमी आफ़ आंध्र प्रदेश, डक्टर ए ए ख़ान रियासती सदर मुस्लिम माइनॉरिटीज एम्पलॉयज़ वेलफेयर एसोसीएशन, बाबा क़दीर अहमद टीचर और मुहम्मद अबदालमाजद ने मुलाक़ात करते हुए लकचररस के तबादलों की मंसूख़ी के लिए बोर्ड आफ़ इंटरमिडिएट के हुक्काम से नुमाइंदगी करने की ख़ाहिश की।
वफ़द ने जनाब ज़ाहिद अली ख़ान को वाक़िफ़ करवाया कि नलगोंडा जूनीयर कॉलेज में एम पी सी, बी पी सी और एच्च ई सी एस्ट्रियमस हैं और कॉलेज की तालिबात की कामयाबी सद फ़ीसद है। वफ़द ने बताया कि पिछ्ले बरस भी कॉलेज में बरसर ख़िदमत लकचररस का तबादला करदिया गया था ताहम हमारी कोशिशों के बाइस तबादलों के अहकाम को वापिस ले लिया गया था। उन्होंने बताया कि मुतबादिल फ़र्द की पोस्टिंग नहीं की जाती है तो तबादला शूदा लकचररस की ख़िदमात को बहाल रखा जाये।
उन्होंने बताया कि रयाज़ी, हयातयात, तारीख और उर्दू के लकचररस का तबादला करदिया गया है और उनकी जगह किसी दूसरे लकचररस की पोस्टिंग नहीं की गई ।
पिछ्ले बरस हिन्दी मज़मून की तदरीस के लिए एक आरिज़ी लकचरर का तक़र्रुर किया गया था लेकिन वो सिर्फ़ एक दिन हाज़िरी दे कर ग़ायब रही हैं।
उन्होंने बताया कि इन सेक्शन्स में मनज़ोरा नशिस्तें हमेशा कामिल पर होती हैं और हमेशा नताइज शानदार रहते हैं इस के बावजूद लकचररस का तबादला किया जा रहा है। जनाब ज़ाहिद अली ख़ान ने वफ़द को तीक़न दिया कि वो इस में सरकारी हुक्काम से नुमाइंदगी करेंगे।
उन्होंने कहा कि रियासती हुकूमत को चाहीए कि तालीमी साल के आग़ाज़ से पहले जुनियर लकचररस की तमाम मख़लवा जायदादों को पर करदिया जाना चाहीए ताके सरकारी जुनियर कॉलेजस के जहां समाज के गरीब तलबा ज़ेर तालीम रहते हैं, नताइज में बेहतरी आई।
उन्होंने कहा कि रियासत भर के तमाम उर्दू मीडियम जूनीयर कॉलेजों में मख़लवा जायदादों को पुर किया जाना चाहीए, अलावा अज़ीं उसे मंडलों में जहां उर्दू दां तबक़ा की ख़ातिरख़वाह तादाद रहती हो, वहां कम अज़ कम एक उर्दू मीडियम जूनीयर कॉलेज क़ायम किया जाना चाहीए।