नई दिल्ली, 20 जुलाई: मिशन 2014 के लिए बीजेपी की कैंपेन कमेटी के सदर नरेंद्र मोदी को उनकी ही रियासत में घेरने के लिए टीम राहुल ने पूरी तैयारी कर ली है। कांग्रेस ने गुजरात में मोदी के खिलाफ ‘पोल-खोल’ मुहिम चलाने का फैसला किया है।
जहां मोदी मुल्क भर में गुजरात के Development Model की तारीफ कर कांग्रेस पर सीधा वार करते दिखाई देते हैं, वहीं कांग्रेस भी मोदी को बख्शने के मूड में नहीं है। अगले तीन महीनों में तहरीक कर कांग्रेस यह साबित करने की कोशिश करेगी कि नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल में कई खामियां हैं।
कांग्रेस ने गुजरात में मोदी को घेरने की पालिसी तैयार कर ली है। कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी राहुल गांधी के साथ मीटिंग में मोदी के खिलाफ फुल प्रूफ प्लानिंग की गई है। राहुल से बैठक के बाद कांग्रेस ने गुजरात में अगले तीन महीने तक मोदी के Development Plans की पोल खोलने का प्लान तैयार किया है।
गुजरात में कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी इंचार्ज गुरुदास कामत ने कहा, ‘हमने तय किया है कि गुजरात में अगले तीन महीनों तक सारे वर्कर्स सड़कों पर उतरेंगे और मोदी सरकार के खिलाफ एहतिजाज करेंगे। मोदी उतने बड़े नहीं, जितना वह बताते हैं।’
कांग्रेस तरक्की का दम भरने वाले मोदी के दावों की हकीकत से आवाम को रूबरू कराएगी। पार्टी आवाम को बताएगी कि गुजरात तालीम के मामले में कितना पीछे है और टीचर्स के कई ओहदा ( Post) खाली हैं। इसके इलावा मोदी के गुजरात में गिज़ाई किल्लत (Malnutrition) और Child mortality rates का आंकड़ा, एनआरएचएम में घोटाला वगैरह के मुद्दों पर कांग्रेस मोदी हुकूमत के खिलाफ हल्ला बोलेगी।
कांग्रेस ने गुजरात में दंगों और अक्लीयतों की हालत के साथ-साथ फिर्कावाराना के मुद्दे पर भी मोदी को घेरने का मन बनाया है। कांग्रेस के तर्जुमान राज बब्बर ने नरेंद्र मोदी पर निशाना लगाते हुए कहा कि वह 1993 के बाबरी मॉडल और 2002 के गोधरा मॉडल को पूरे मुल्क में फैलाना चाहते हैं, लेकिन ये नहीं चलेगा।
सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिए नरेंद्र मोदी की इमेज चमकाने की कोशिश के बीच कांग्रेस ने भी इससे निपटने की तैयारी कर ली है। मोदी से मुकाबला करने के लिए हर रियासत के दस-दस कांग्रेसियों को दो दिन की आईटी ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए मोदी की तर्ज पर ही बेंगलुरु से साइबर एक्सपर्ट्स बुलाए जा रहे हैं। कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी राहुल गांधी भी दो दिन की इस ट्रेनिंग में मौजूद रहेंगे।
कांग्रेस की पूरी कवायद बीजेपी और मोदी के मुहिम को पस्त करना है। ऐसे में अब देखना यह है कि कांग्रेस तहरीक और पोल-खोल मुहिम के जरिए मिशन मोदी में सेंध लगा पाने में कितना कामयाब हो पाती है।