चीन को 15 रुकनी फ़ौजी वफ़द रवाना करने का फ़ैसला

नई दिल्ली, ०८ जनवरी (पी टी आई) हिंदूस्तान ने रातों रात अपना मौक़िफ़ तबदील करते हुए पहले मुक़र्ररा प्रोग्राम के मुताबिक़ आइन्दा हफ़्ता चीन को अपना फ़ौजी वफ़द रवाना करने का फ़ैसला किया है।

लेकिन अरूणाचल प्रदेश से ताल्लुक़ रखने वाले इंडियन एयरफ़ोर्स के एक सीनीयर ओहदेदार को वीज़ा देने से चीन के इनकार के बाद अपने वफ़द की तादाद 30 से घटाकर 15 करदेने का फ़ैसला करदिया है। ज़राए ने कहाकि स्टाफ़ ऑफीसरस का वफ़द दिफ़ाई तबादला प्रोग्राम के एक हिस्सा के तौर पर 10 जनवरी से चीन का दौरा करेगा।

ताहम पहले तयशुदा 30 अरकान के बजाय हिंदूस्तानी वफ़द 15 अरकान पर मुश्तमिल रहेगा जिस में फ़ौज के तीनों शोबों के ओहदेदार शामिल हैं।

हकूमत-ए-हिन्द के इस फ़ैसला से इस के मौक़िफ़ में अचानक तबदीली का इज़हार हुआ है क्योंकि गुज़श्ता रोज़ इंडियन एयरफ़ोर्स के ग्रुप कैप्टन एन पांग गंग को जिन का ताल्लुक़ अरूणाचल प्रदेश से हैं, चीन ने वीज़ा देने से इनकार कर दिया था जिस के बाद हकूमत-ए-हिन्द ने इस इश्तिआल अंगेज़ इक़दाम के जवाब में दौरा को मोख़र करदेने का ऐलान किया था।

हिंदूस्तानी फ़ौजी वफ़द 4 रोज़ा प्रोग्राम के तहत बीजिंग, नानजिंग और शंघाई का दौरा करेगा। चीन पहले ही अरूणाचल प्रदेश पर अपना दावा करचुका है और अक्सर इस रियासत से ताल्लुक़ रखने वाले अफ़राद को हिंदूस्तान के एहतिजाज के बावजूद वीज़ा देने से इनकार करता रहा है। चीनी फ़ौजी वफ़द के गुज़श्ता माह दौरा-ए-हिंद के जवाब में हिंदूस्तानी फ़ौजी वफ़द का ये जवाबी ख़ैरसिगाली के तौर पर किया जा रहा है।

क़ब्लअज़ीं 2010 -ए-में भी चीन ने इस वक़्त के शुमाली फ़ौजी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बी ऐस जयसवाल को वीज़ा देने से इनकार कर दिया था जो जम्मू-ओ-कश्मीर में ख़िदमत अंजाम दे रहे थे। इस इक़दाम पर भी बाहमी ताल्लुक़ात में कशीदगी पैदा हुई थी।

इस वक़्त जनरल जयसवाल चीन का दौरा करने वाले हिंदूस्तानी फ़ौजी वफ़द की क़ियादत कररहे थे लेकिन उन्हें वीज़ा ना दिए जाने के बाद इस दौरा को मंसूख़ कर दिया गया था।