छट हादिसा: लालू प्रसाद का अदालती तहक़ीक़ात करवाने का मुतालिबा

नई दिल्ली, २३ नवंबर: ( पीटीआई) आर जे डी सरबराह लालू प्रसाद ने कारकर्द हाईकोर्ट के ज़रीया छट पूजा के मौक़ा पर पटना में पेश आए भगदड़ के वाक़िया की तहक़ीक़ात कराए जाने का मुतालिबा किया जिसमें 17अफ़राद हलाक हो गए थे।

उन्होंने कहा कि तहक़ीक़ात के बाद ही हक़ायक़ मंज़रे आम पर आ सकते हैं। पार्लीमेंट के बाहर मीडीया नुमाइंदों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हुकूमत बिहार की मुजरिमाना लापरवाही की वजह से ये हादिसा रौनुमा हुआ।

एक ऐसा पुल जो ज़्यादा लोगों का बोझ सँभालने का मुतहम्मिल नहीं हो सकता था। इस पर से हज़ारों लोगों को गुज़रने की इजाज़त दी गई। नतीजा ये हुआ कि पुल मुनहदिम हो गया। माज़ी में इस नौईयत का कोई अलमीया पेश नहीं आया। उन्होंने इस मौक़ा पर वज़ीर-ए-आला नितीश कुमार को तन्क़ीद का निशाना बनाते हुए कहा कि उनकी ( कुमार) एक बुरी आदत ये है कि जब कभी कोई नाख़ुशगवार वाक़िया पेश आता है तो वो इस से लाताल्लुक़ी का इज़हार करते हैं।

इस हादिसा के वक़्त जितने भी आफीसर्स डयूटी अंजाम दे रहे थे, नितीश कुमार ने इन सब को क्लीनचिट दी है और अब मोतमिद दाख़िला को हिदायत की गई है कि वो इस हादिसा की तहक़ीक़ात करें। मोतमिद दाख़िला किसी भी आफीसर को क़सूरवार कैसे ठहरा सकते हैं जब ख़ुद वज़ीर-ए-आला ने उन्हें (आफीसर्स) क्लीन चिट दी है। उन्होंने कहा कि पटना हाईकोर्ट के एक कारकर्द जज के ज़रीया हादिसा की तहक़ीक़ात करवाई जाए और हक़ायक़ को मंज़रे आम पर लाया जाए।

हुकूमत की जानिब से करवाई जाने वाली तहक़ीक़ात पर हम एतिमाद नहीं करते।