दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को अंडरवर्ल्ड डॉन ‘छोटा राजन’ और अन्य कुछ लोगों को फर्जी पासपोर्ट के मामले में दोषी ठहराया। ‘राजेंद्र सदाशिव निख़लजे उर्फ राजन’ को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश ‘वीरेंद्र कुमार गोयल’ द्वारा फर्जी पासपोर्ट रखने का दोषी पाया।
पिछले साल 8 जून को अदालत ने ‘राजन’ के खिलाफ आरोप सिद्ध किये गए किये थे और उसके बाद पासपोर्ट अधिकारियों ‘जयश्री दत्तात्रेय रहाते’, ‘दीपक नटवरलाल शाह’ और ‘ललिता लक्ष्मणन’ के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के आरोप लगाए थे।
आरोपपत्र में सीबीआई ने ‘राजन’ पर आरोप लगाया था की उसने ‘शाह’ और ‘लक्ष्मणन’ की मदद से 1998-99 में बेंगलुरु से ‘मोहन कुमार’ के नाम पर नकली पासपोर्ट जारी कराया था।
फिलहाल, ‘राजन’ न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि बाकि तीन जमानत पर हैं। अंडरवर्ल्ड डॉन के खिलाफ 85 मामले हैं जिनमे हत्या से लेकर जबरन वसूली, तस्करी और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले शामिल है।
मुंबई पुलिस ने ‘राजन’ के खिलाफ लगभग 70 मामले दर्ज कराए हैं जिसमें अपराधकारी और विघटनकारी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, एक आतंकवाद प्रतिबंध अधिनियम और महाराष्ट्र नियंत्रण संगठित अपराध अधिनियम के तहत 20 से अधिक मामले शामिल हैं।
इन्डोनेशियाई पुलिस ने राजन को 25 अक्टूबर 2015 को बिलाल हवाईअड्डे से इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया था और उसे 6 नवंबर, 2015 को भारत में प्रत्यर्पित किया गया था।
राजन एक वक्त पर अंडरवर्ल्ड डॉन ‘दाऊद इब्राहिम’ का करीबी सहयोगी था लेकिन उनकी मित्रता 1993 के मुंबई विस्फोट से पहले टूट गयी थी। 2000 में राजन नाटकीय रूप से मौत के मुंह से बच गए थे जब दाऊद के लोगों ने बैंकाक के एक होटल में उस पर हमला किया था।