* उप चुनाव में कांग्रेस की बदतरीन शिकस्त , सिर्फ दो सीटों पर कामयाबी , परकाल में टीआरएस की कामयाबी , तेलंगाना में भी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी का असर
हैदराबाद / हमदर्दी की मज़बूत लहर के साथ जेल में कैद एमपी वाई एस जगन मोहन रेड्डी की नई पार्टी वाईएसआर कांग्रेस ने आज 18 असेंबली सिटों में से कुल 15 और एक लोक सभा सिट पर क़बज़ा करते हुए हुक्मराँ(सत्तादार) कांग्रेस को बदतरीन शिकस्त से दो-चार कर दिया ।
रियासत के उप चुनाव में इलाक़ा तेलंगाना की अहम सिट परकाल पर टीआरएस को कामयाबी मिली है । जगन मोहन रेड्डी की पार्टी की कामयाबी से ज़ाहिर होता है कि रियासत में सियासी(राजनीतिक) खेल का मंज़र बदल सकता है । कांग्रेस को सिर्फ 2 सिटों पर कामयाबी मिली जबकि असल अपोज़ीशन तेल्गुदेशम का पुरी तरह सफ़ाया होगया है ।
39 साला कड़पा एमपी को जो अपने पिता और साबिक़(पुर्व) चीफ मिनिस्टर वाई एस राज शेखर रेड्डी की सीयासी वीरासत पर कांग्रेस के साथ एक शदीद अवामी जंग छेड़ चुके हैं । इन चुनावों के ज़रीये ज़बरदस्त हौसला मिला है । उपचुनाव में जिस को 2014 के असेंबली चुनाव से पहले सेमी फाइनल क़रार दिया जा रहा था ।
टीआरएस परकाल में 1,562 वोटों की जयादती से ये सीट हासिल करने में कामयाब होगई ।तेलंगाना इलाके की इस एक असेंबली सीट के लिए चुनावी मैदान में टीआरएस को सिर्फ 15 माह पुरानी वाई एस आर कांग्रेस पार्टी की उम्मिदवार कोंडा सुरेखा से सख़्त और कांटे का मुक़ाबला था । आज के नतीजों के साथ ही कांग्रेस के असेंबली सदस्यों की अक्सरियत घट गई है ।
294 सदसिय एवान में इस के 155 असेंबली सदस्य हैं जो सादा अक्सरियत से 7 कम हैं जबकि वाई एस आर कांग्रेस के सदस्यों की तादाद में7 तक बढावा हुआ है । क़तई तजज़िया में कांग्रेस को 16 सिटों में से 14 का नुक़्सान हुआ है । जिन पर इस ने 2009 में कामयाबी हासिल की थी । दुसरी दो पर 2009 में प्रजा राज्यम पार्टी ने कामयाबी हासिल की थी लेकिन अब ये हलक़े वाई एस आर कांग्रेस के हिस्से में आगए हैं ।
टी आर एस को परकाल की सिट पर कामयाबी के बाद और एक सिट का फ़ायदा हुआ है । नैलोर लोक सभा हलके से वाई एस आर कांग्रेस के एम राज मोहन रेड्डी कामयाब हुए हैं । उन्हों ने अपने हरीफ बडे ताक़तवर सियासतदां कांग्रेस उम्मीदवार टी सिबी रामी रेड्डी को 2,91,745 वोटों से शिकस्त दे दी ।
अदाकार से सियासतदां बनने वाले के चिरंजीवी के लिए भी ये चुनाव बहुत बडा धक्का साबित हुए । के क्योंकि वाई एस आर कांग्रेस ने तिरूपति असेंबली सीट छीन ली है । चिरंजीवी ने ये सिट मार्च में राज्य सभा के लिए अपने चुनाव के बाद ख़ाली करदी थी । वाई एस आर कांग्रेस की कामयाबी इतनी शानदार साबित हुई कि इस की लहर की वजह से कांग्रेस को चार हलक़ों में डिपोज़िट से हाथ धोना पड़ा । अगरचे कि वो दो सिटें हासिल करने में कामयाब हुई है ।
इस की ये कामयाबी ज़ात पात के अंसर का नतीजा है । आमदनी से जयादा सम्पती केस में कैदी की हैसियत से चंचल गौड़ा जेल में कैद वाई एस जगन ने कांग्रेस को एक वाज़िह वोर्निंग दे दी है कि वो अगाव चुनाव में इस के ताबूत में आख़िरी कील ठोंक देंगे । क्योंकि लोगों की बड़ी तादाद उन के साथ है ।
उपचुनाव के नतिजों से होसकता है कि किरण कुमार रेड्डी हुकूमत को अभि कोई ख़तरा नहीं है लेकिन चीफ मिनिस्टर को अब हुकूमत सँभालना बहुत मुश्किल होजाएगा । चुनावी नतीजों से वाई एस आर कांग्रेस के अख़लाक़ी तौर पर हौसले बुलंद होचुके हैं । इस ने ज़ोर दे कर कहा था कि लोगों को जगन के ख़िलाफ़ लगाये गए रिश्वत के इल्ज़ाम पर यक़ीन नहीं है ।
जगन की माँ ने इस कामयाबी को अपने बेटे जगन के लिए ख़ुदा का तोहफ़ा क़रार दिया और कहा कि दरअसल ये कामयाबी लोगों और जम्हूरियत की कामयाबी है । उन्हों ने जेल में अपने बेटे से मुलाक़ात के बाद कहा कि राजय के लोगों ने उन के पती और पुर्व चीफ मिनिस्टर राज शेखर रेड्डी को नहीं भुलाया है । वाई एस आर कांग्रेस को 15 असेंबली हलक़ों , नरसिंह पेट , पिया का रो पीटा ,पोलावरम , प्रति पाडो , मजरला , ओंगोल , उदय एग्री , तिरूपति , अनंत पुर अर्बन , राय दुर्गम , बामगनोर , अलागडा , राजनम पेट , राई चोटी और रेलवे कोडार में कामयाबी मिली है ।
जबकि कांग्रेस ने रामचंद्र अप्पू रुम में ये सिट वाई एस आर कांग्रेस के उम्मीदवार पली सुभाष चन्द्र बोस से लम्हा आख़िर में छीन ली ।