ज़िला मेदक में इंटर मीडीएट इम्तेहानात, 5 हज़ार तलबा ग़ैर हाज़िर

ज़िला मेदक में जारीया तालीमी साल का आख़िरी माह चल रहा है, इस दौरान इंटर मीडीएट इम्तेहानात का आग़ाज़ 2मार्च से होचुका है। लेकिन तलबा ओ तालिबात की जानिब से फ़ीस अदा ना करने की वजह से कई तलबा को ख़ानगी कालेज्स में हाल टिक्टस जारी नहीं किए जाने की शिकायतें वसूल हुई हैं।

जबकि ज़िला मेदक के एक तालिब-ए-इल्म सरकारी कालेज ने हाल टिकट ना मिलने पर दिलबर्दाशता होकर ख़ुदकुशी कर ली। मुफ़लिसी और तंगदस्ती के बावजूद ग़रीब वालदैन अपने बच्चों को बेहतर तालीम दिलवाने के लिए ख़ानगी कालेज्स में मयारी तालीम के हुसूल के लिए दाख़िला दिलवाते हुए फ़ीस और कालेज के दीगर अख़राजात अदा करते हैं|

लेकिन फिर भी एक दो माह की फ़ीस अदा ना की जाये तो इंतिज़ामीया कालेज तलबा को हाल टिकट जारी ना करते हुए उसे सालाना इम्तेहान से बेदख़ल करते हुए इसके साल भर की तालीम को नुक़्सान पहुंचाया जाता है।तलबा का कहना है कि अगर किसी वजह से दो माह की फ़ीस अदा शदणी हो तो हाल टिकट दे दिया जाये।

कामयाब तलबा की मार्क्स शीट फ़ीस हासिल होने के बाद जारी कर दिया जाये, कई मुक़ामात पर स्कालर शिप्स के भी मसाइल हैं। ज़िला मेदक में एक लाख से ज़्यादा तलबा ने स्कालर शिप्स के लिए दरख़ास्तें दाख़िल की हैं। ज़िला से इस साल6हज़ार तलबा इंटर मीडीएट साल अव्वल-ओ-दोम इम्तेहानात में शिरकत कर रहे हैं।

लेकिन बताया जा रहा है कि ज़िला मेदक में इंटर मीडीएट इम्तेहानात के दौरान साल अव्वल में 3229 तलबा-ए-ग़ैर हाज़िर रहे जबकि इंटर मीडीएट साल दोम सालाना इम्तेहानात के पहले दिन 29175 तलबा-ए-ओ- तालिबात हाज़िर होना चाहीए था लेकिन 27085 तलबा-ए-ओ- तालिबात ही शिरकत किए। इस तरह साल दोम इंटर इम्तेहानात में ग़ैर हाज़िर होने वाले तलबा की तादाद 2090 रही।

इस तरह जुमला सालाना इम्तेहानात साल अव्वल-ओ-साल दोम के पहले दिन ग़ैर हाज़िर होने वाले जुमला तलबा-ए-की तादाद 5320 है। ज़िला मेदक में पहली मर्तबा इतनी बड़ी तादाद में इंटर मीडीएट सालाना इम्तेहानात में तलबा ओ‍ तालिबात की ग़ैर हाज़िरी से कई ख़दशात पैदा हो रहे हैं। ज़िला इंतिज़ामीया को इस का पता चलाना ज़रूरी है, और इस मसला का बेहतर हल निकालते हुए तलबा के मुस्तक़बिल को दरख़शां बनाया जाये। ज़िला में 200 जूनियर कालेज्स,20 डिग्री कालेज्स,7 आई टी आईज़ के इलावा बी एड‍ और डी एड इंजीनीयरिंग-ओ-मैडीसन और पालीटेक्निक कालेज्स मौजूद हैं।

ज़िला मेदक के कुलचा रुम मंडल के सरकारी जूनियर कालेज में ज़ेर-ए-तालीम इंटरमीडीएट तालिब-ए-इल्म शेर अली ख़ान ने कालेज इंतिज़ामीया की जानिब से हाल टिकट की अदम इजराई की वजह से दिलबर्दाशता होकर ज़हरीली अशीया का इस्तेमाल करते हुए ख़ुदकुशी कर ली।

बताया जाता है कि मज़कूरा सरकारी जूनियर कालेज में कम हाज़िरी होने का बहाना बनाते हुए तलबा-ए-को हाल टिकट जारी नहीं किया गया। ख़ानगी-ओ-सरकारी कालेज्स में हाज़िरी के नाम पर भी तलबा को हरासाँ किया जा रहा है।

तलबा-ए-रियास्ती हुकूमत से मुतालिबा कर रहे हैं कि वो इस ख़सूस में तवज्जा दे ताकि तलबा-ए-ओ- तालिबात के मसाइल की यकसूई होसके।ख़ानगी विस्र कारी कालेज्स के प्रिंसीपल्स को चाहीए कि तलबा के मुस्तक़बिल को मद्द-ए-नज़र रखते हुए उन के साथ हमदर्दाना रवैय्या इख्तेयार करें वर्ना उनकी ज़रा सी बेरुख़ी की वजह तलबा का मुस्तक़बिल तारीक हो जाएगा।