जिन्सी इस्तेहसाल की शिकार ख़वातीन की हालत-ए-ज़ार को रक़्स की शक्ल में पेश किया गया

नई दिल्ली, 09 फ़रवरी: ( पी टी आई) दिल्ली के बदनाम-ए-ज़माना इजतिमाई इस्मत रेज़ि और दीगर कई ऐसे वाक़ियात जहां जिन्सी तौर पर ख़वातीन का इस्तेहसाल किया जाता है और उनकी हालत-ए-ज़ार की समाअत करने वाला कोई नहीं होता ।

इन हालात को दिल्ली यूनीवर्सिटी के तलबा ने रक़्स की शक्ल में इंतिहाई मयस्सर अंदाज़ में पेश किया जिसका नाम “अब बस” रखा गया था जिसके ज़रीया जिन्सी इस्तेहसाल की शिकार ख़वातीन की मुश्किलात और बेबसी को दिखाया गया था । ख़ुसूसी तौर पर गुज़शता साल 16 दिसंबर को 23साला ख़ातून की इजतिमाई इस्मतरेज़ि के वाक़िया और ऐसे कई दीगर वाक़ियात जिनकी कोई ख़बर शाय नहीं हुई लेकिन ख़वातीन को सोबतों का सामना करना पड़ना है रक़्स के ज़रीया पेश किया गया । कमला नहरू कालेज के 20 तलबा पर मुश्तमिल एक ट्रूप ने दो रोज़ा बैन कालेज मीडीया फेस्टीवल Vox Pop 2013 के तहत ये प्रोग्राम पेश किया गया जिस की मेज़बानी इंडिया इंस्टीटियूट आफ़ मास कम्यूनिकेशन ने ख़ुद अपने कैंपस में की थी ।