झामुमो में उथल-पुथल, तीन एमएलए का इस्तीफा

झामुमो की तरफ से आखरी वक़्त में राज्यसभा उम्मीदवार सविता महतो का नाम वापस लेने के खिलाफ में पार्टी के तीन एसेम्बली रुक्न मथुरा महतो, जगन्नाथ महतो व विद्युतवरण महतो ने पार्टी सदर शिबू सोरेन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। मथुरा महतो ने एक अखबार से कहा : हम इस तरह का बेइजति बरदाश्त नहीं कर सकते। उम्मीदवार का ऐलान करके, इसके बाद बाहरी उम्मीदवार की वजह से अपना उम्मीदवार वापस ले लिया गया। इससे ज्यादा बेजती और क्या हो सकती है। हालांकि हम पार्टी में बने रहेंगे।

सविता महतो को वापस भेजा

हाल ही में सुधीर महतो का वफ़ात हो गया। अभी बारहवीं भी नहीं हुई है। 27 जनवरी को झामुमो कोर कमेटी ने फैसला लिया कि मरहूम सुधीर महतो की बीवी सविता महतो को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया जायेगा। सविता महतो झारखंड एहतेजाज़ी शहीद निर्मल महतो के खानदान से भी आती हैं। पार्टी ने उन्हें मंगल को नॉमिनेशन के लिए बुलाया। फिर उन्हें वापस भेज दिया। इसे लेकर झामुमो में मुखालिफत की आवाज फूट पड़े हैं। हालांकि वजीरे आला हेमंत सोरेन ने कहा कि जरूरत पड़ी तो अदाद व शुमार न होने की वजह से उम्मीदवार का नाम वापस लिया गया है। इधर, झामुमो के जेनरल सेक्रेटरी सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि केडी सिंह की खाली होनेवाली सीट पर सविता महतो को यक़ीनी तौर से राज्यसभा में भेजा जायेगा।

राजद के दबाव में झामुमो आया बैकफुट पर

प्रेमचंद गुप्ता को लेकर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने दबाव बनाया। उन्होंने कांग्रेस के आला लीडरों से बात की। राजद के दबाव की वजह से झामुमो को भी बैकफुट पर आना पड़ा। झामुमो ने पीर को मरहूम सुधीर महतो की बीवी सविता महतो को उम्मीदवार बनाने की ऐलान की थी। पर उसे अपना उम्मीदवार वापस लेना पड़ा। कांग्रेस ने प्रेमचंद गुप्ता को हिमायत देने के बाद झामुमो के साथ मंजूरी बनाने की कोशिश शुरू की। कांग्रेस और राजद के लीडर शिबू सोरेन के रिहाइशगाह पहुंचे। यहां राजद उम्मीदवार प्रेमंचद गुप्ता के नाम पर आखरी मुहर लगी।