झारखंड को खुसूसी रियासत का दरजा नहीं

झारखंड को खुसूसी रियासत का दरजा नहीं मिलेगा। झारखंड खुसूसी रियासत का दरजा हासिल करने के लिए मौजूदा म्यार को पूरा नहीं करते। लेकिन बिहार के तजवीज पर विचार चल रहा है. योजना राज्यमंत्री राजीव शुक्ला ने गुरुवार को सरदार सुखदेव सिंह ढींढसा के सवालों के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि झारखंड, ओड़ीसा और राजस्थान को खुसूसी रियासत का दरजा दिये जाने के दरख्वास्त को मौजूदा म्यारो में जांचा गया। इस सिलसिले में गौर-चीत करने के बाद पाया गया कि ये तीनों रियासत खुसूसी दरजा हासिल करने के लायक नहीं हैं।

जिन रियासतों को खुसूसी रियासत का दरजा हासिल होता है, उन्हें मर्कज से 90 फीसद ग्रांट मिलता है। आम रियासतों को कोई ग्रांट नहीं मिलता। खुसूसी रियासत का दरजा हासिल रियासतों की मर्कजी मंसूबों में भागीदारी बहुत कम होती है। ऐसे रियासतों को खुसूसी मंसूबा बंदी मदद और खुसूसी मर्कजी मदद भी दी जाती है। आमतौर पर कुल मर्कजी मदद रक़म में से 56.25 फीसद उन 11 रियासतों को दिया जाता है, जिन्हें खुसूसी रियासत का दरजा हासिल है। बाक़ी 43.75 फीसद रक़म दीगर 17 रियासतों में बांटी जाती है। बिहार पर आ गयी कमेटी की रिपोर्ट तजवीज पर हो रहा है गौर जनवरी 2013 में झारखंड हुकूमत को इत्तिला किया जा चुका है