ट्रेनों में दहशतगर्दी मचा रहे किन्नर

किन्नरों ने मुसाफिरों को दानापुर मंडल में ट्रेन में सफर करना मुश्किल कर दिया है। मुसाफिरों से जबरदस्ती पैसे वसूले जाते हैं। नहीं देने पर दादागिरी की जाती है। शिकायत मिलने के बाद रेलवे सेक्युर्टी के अफसर चुप्पी साध लेते हैं।

धमकी देकर वसूली
पटना से दिल्ली जानेवाली फरक्का एक्सप्रेस जुमे की सुबह 5.50 बजे जंकशन पहुंची। मुसाफिरों के साथ कुछ किन्नर भी उस बोगी में सवार हुए। ट्रेन के खुलते ही किन्नरों का तांडव शुरू हो गया। किन्नरों ने गेट पर खड़े मुसाफिरों से ही पैसे मांगना शुरू कर दिया। मुखालिफत करने पर किन्नरों के ग्रुप ने आकर मुसाफिरों को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। उनकी भीड़ को देखते हुए मजबूरन मुसाफिरों को पैसा देना पड़ा।

गाली-गलौज की

उधर, पंजाब मेल के स्लीपर कोच में किन्नरों की तादाद ज़्यादा थी। जुमा को यह ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर चार से सुबह 5 बजे रवाना हुई। बोगी में कई बच्चे, बूढ़े, जवान व ख़वातीन के साथ लड़कियां सवार थीं। बोगी में सवार किन्नर मुसाफिरों से जहां दस रुपये से कम नहीं ले रहे थे। जो मुसाफिर रुपये नहीं दे रहे उनसे जबरन वसूला जा रहा था। बोगी नंबर एस फोर में अमृतसर जा रहे एक मुसाफिर से एक किन्नर ने बेहूदा हरकत करना शुरू कर दी और रुपये मांगने शुरू कर दिये। पैसा नहीं देने पर उस मुसाफिर को किन्नरों ने गाली-गलौज तक देना शुरू कर दिया। हालांकि उस शख्स ने ट्रेन में तैनात रेलवे पुलिस से राब्ता करनी चाही, लेकिन मौके पर आरपीएफ के जवान नहीं पहुंच सके।

जेब से निकाला नोट

किन्नरों के हौसाले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उनको न तो रेलवे इंतेजामिया से डर लगता है और न ही पैसेंजर्स की कोई फिक्र है। जुमा को फरक्का एक्सप्रेस में सफर के दौरान किन्नर ने एक 45 साला मुसाफिर से पैसे मांगे। रुपये नहीं देने से किन्नर ने उस शख्स का गिरेबान पकड़ जबरन उसके पॉकेट से सौ रुपये का नोट निकाल लिया।

उसके इस रवैये से सारे मुसाफिर डर गये और किन्नरों के आने से पहले ही दस रुपये का नोट निकाल उसे थमाने लगे। फरक्का एक्सप्रेस की वाकिया की शिकायत एक पैसेजर ने दानापुर जीआरपी व आरपीएफ से की। जुमा को ट्रेन जब 6.30 बजे दानापुर स्टेशन पहुंची तो काई भी पुलिस अफसर उस कोच में नहीं पहुंचे। दानापुर स्टेशन पर दोनों किन्नर उस बोगी से उतर कर दूसरे कोच में चले गये। इसी तरह किन्नरों के कई ऐसे मामले हैं, जो जीआरपी और आरपीएफ के पास हैं। फिर भी रेलवे पुलिस चुप्पी साधे हुई है।