मुंबई, 21 फ़रवरी: फांसी पर लटकाए जाने वाले 25 साला मुजरिम अजमल क़स्साब को देढ़ माह की मुद्दत में दो बार डेंगू बुख़ार लाहक़ होने का इन्किशाफ़ हुआ है, लेकिन वो दोनों मर्तबा ज़िंदा बच जाने में कामयाब रहा। आर्थर रोड जेल से हासिल होने वाली मालूमात के बमूजब क़स्साब का ईलाज करने वाले डा. ने कहा कि ज़िंदगी के आख़री दिनों में अजमल क़स्साब बहुत कमज़ोर हो चुका था। जब डाक्टरों की टीम ने दूसरी बार इस का तिब्बी मुआइना किया तो वो काँप रहा था और ज़्यादा देर तक खड़े रहने के क़ाबिल नहीं था। अजमल क़स्साब को 26 नवम्बर के मुंबई दहश्तगर्द हमलों के बाद गिरफ़्तार किया गया था। वो वाहिद ज़िंदा गिरफ़्तार होने वाला दहश्तगर्द था जो इस हमले में मुलव्विस था।