तुर्की के इमदादी कारकुनों ने शामी इलाक़े में उन हज़ारों नए पनाह गुज़ीनों के लिए कैंप क़ायम कर दिए हैं जिन्हें तुर्क हुकूमत ने सरहद पार करने की इजाज़त नहीं दी है। शाम की हुकूमत की जानिब से गुज़िश्ता हफ़्ते हलब पर किए जाने वाले हमले के नतीजे में तक़रीबन 35 हज़ार अफ़राद ने नक़्ले मकानी की थी और उनका रुख तुर्की की जानिब था।
ताहम तुर्की ने यूरोपीय सरब्राहाने ममलकत की जानिब से उन पनाह गुज़ीनों को रास्ता देने की अपील के बावजूद अपनी सरहदें बंद किए रखें। शाम में जारी पाँच साला ख़ाना जंगी के नतीजे में तुर्की में पहले से ही 25 लाख पनाह गुज़ीन मौजूद हैं।
बहुत से शामी बाशिंदे पनाह की तलाश में समुंद्र के रास्ते तुर्की से यूरोपीय ममालिक भी गए हैं और वो उन दस लाख तारकीने वतन और पनाह गुज़ीनों का बड़ा हिस्सा हैं जो गुज़िश्ता साल गै़र क़ानूनी तौर पर यूरोप में दाख़िल हुए हैं।