तेलंगाना-ओ-आंध्र मेडिकल कॉलेजस की नशिस्तों में इज़ाफे की मोहलत

हैदराबाद 17 जून: रियासत आंध्र प्रदेश-ओ-तेलंगाना में मेडिसन की नशिस्तों में होने वाली तख़फ़ीफ़ की वजूहात को दूर करने के लिए मेडिकल कौंसिल आफ़ इंडिया ने 45 दिन की मोहलत इंतेज़ामीया को फ़राहम की है।

ख़ानगी मेडिकल कॉलेजस में सहूलतों और आलात की अदमे मौजूदगी की बिना पर जिन नशिस्तों को कम किया गया था उन्हें बहाल करने के लिए दी गई इस मोहलत से दोनों रियासतों की नशिस्तों में इज़ाफे की उम्मीदें जाग चुकी हैं। रियासत तेलंगाना-ओ-आंध्र प्रदेश में बेशतर ख़ानगी मेडिकल कॉलेजस सियासतदां या उनके क़रीबी रिश्तेदार चलाते हैं जिनमें अक़लियती मेडिकल कॉलेजस भी शामिल हैं। तेलंगाना में चलाए जानेवाले ख़ानगी मेडिकल कॉलेजस में 4 मेडिकल कॉलेजस सियासतदानों के रिश्तेदारों के हैं जिनमें प्रतीमा इंस्टीटियूट आफ़ मेडिकल साइंस, मला रेड्डी मेडिकल कॉलेज, दक्कन मेडिकल कॉलेज और शादाँ मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। प्रतीमा इंस्टीटियूट आफ़ मेडिकल साइंस गवर्नर महाराष्ट्रा सी एच विद्या सागर राव‌ के रिश्तेदार का है जबकि मला रेड्डी मेडिकल कॉलेज सी एच मला रेड्डी रुकने पार्लियामेंट तेलंगाना राष़्ट्रा समीती का है।

इसी तरह दक्कन मेडिकल कॉलेज ओवैसी बिरादरान का है और शादाँ मेडिकल कॉलेज साबिक़ रुकने असेंबली डॉ वज़ारत रसूल ख़ां मरहूम ने क़ायम किया था। इसी तरह आंध्र प्रदेश में नाराय‌ना मेडिकल कॉलेज डॉ पी नाराय‌ना तेलुगू देशम वज़ीर, ममता मेडिकल कॉलेज पी अजय कुमार सियासतदां, आश्रम मेडिकल कॉलेज जी गंगा राजू रुकने पार्लियामेंट और गीतम मेडिकल कॉलेज एमवी वी एस मूर्ती साबिक़ वज़ीर की तरफ से चलाया जाता है।

मेडिकल कौंसिल आफ़ इंडिया के ज़राए का मानना है कि बाअसर शख़्सियात की तरफ से क़ायम करदा इन कॉलेजस में सहूलतों की अदमे मौजूदगी और दरकार आलात ना होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा सकती कयुं कि सियासी रसूख़ की बिना पर इंतेज़ामीया के ख़िलाफ़ की जाने वाली कार्यवाहीयां रोक दी जाती हैं जबकि कॉलेजस में दरकार सहूलतों के मुताल्लिक़ जायज़ा लेने की ज़िम्मेदारी सरकारी डॉक्टर्स को तफ़वीज़ की जाती है और उनकी तरफ से ख़िदमात की अंजाम दही में कोताही की सूरत में इन डॉक्टर्स-ओ-तहक़ीक़ कुनुन्दगान के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाती है।
आंध्र प्रदेश में एमसी आई की तरफ से 450 नशिस्तों की तख़फ़ीफ़ की गई थी जिसमें 204 नशिस्तें आम ज़मुरा की थीं। इसी तरह 200 नशिस्तें रियासत तेलंगाना में कम की गई हैं जिनमें 100 नशिस्तें आम ज़मुरा की नशिस्तों में शामिल हैं। मेडिकल कौंसिल आफ़ इंडिया की तरफ से दी गई मोहलत के दौरान अगर कॉलेज इंतेज़ामीया कोताहियों को दूर करते हैं तो दोनों रियासतों में 650 नशिस्तों का इज़ाफ़ा मुम्किन है। बताया जाता है कि एमसी आई ने जिन नशिस्तों की तख़फ़ीफ़ का फ़ैसला किया था वो इज़ाफ़ी 50 नशिस्तों के मुताल्लिक़ था।