तेलंगाना को ख़ुसूसी मौक़िफ़ देने मर्कज़ से के सी आर का मुतालिबा

तेलंगाना के चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्रशेखर राव‌ ने मर्कज़ी वज़ीर फाइनैंस अरूण जेटली से मुलाक़ात की और नौ तशकील शूदा रियासत (तेलंगाना ) को ख़ुसूसी मौक़िफ़ देने का मुतालिबा किया।

लोक सभा में टी आर एस के डिप्टी फ़्लोर लीडर बी विनोद कुमार ने इस मुलाक़ात के बाद अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि ख़ुसूसी मौक़िफ़ देने के मुतालिबा को हक़बजानिब साबित करते हुए वज़ीर फाइनैंस को तेलंगाना की पसमांदगी के मसले से वाक़िफ़ करवाया गया।

विनोद कुमार ने कहा कि तेलंगाना के 10 के मिनजुमला 8 अज़ला को मंसूबा बंदी कमीशन कीतर से पसमांदा क़रार दिया गया था। मज़ीद बरआं हमारी नई रियासत के लिए ख़ुसूसी मौक़िफ़ बहरसूरत कलीदी एहमीयत रखता है। विनोद कुमार ने कहा कि अरूण जेटली ने ये कहते हुए कि आमदनी पैदा करने वाला शहर हैदराबाद इस नई रियासत का हिस्सा है सवाल किया कि तो फिर इस सूरत में तेलंगाना को ख़ुसूसी मौक़िफ़ देने की क्या ज़रूरत है ।

उन्होंने कहा कि वज़ीर फाइनैंस से हम ने कहा कि हैदराबाद को अब पहले के तख़मीना में ज़ाहिर करदा आमदनी नहीं होरही है। क्युंकि मुत्तहदा आंध्र प्रदेश में तेल कंपनीयां और ए पी बेविरेजेस कारपोरेशन हैदराबाद में टैक्स अदा किया करते थे ताहम तक़सीम के बाद ये कंपनीयां दोनों रियासतों आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में टैक्स अदा कररही हैं। चुनांचे हैदराबाद को अब इस हद तक भारी टैक्स मौसूल नहीं होरहे हैं जैसा कि पहले ज़ाहिर किया गया था। विनोद कुमार ने कहा कि तेलंगाना के चीफ़ मिनिस्टर ने तेलंगाना को टैक्स रियायत और तरग़ीबात फ़राहम करने के अलावा ख़ुसूसी फंड्स देने के मौज़ूआत पर वज़ीर फाइनैंस से तबादला-ए-ख़्याल किया।