तेलंगाना पर सयासी (राजनीतिक) जमातों में इत्तिफ़ाक़ राय का फ़ुक़दान (कमी)

वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) डाक्टर मनमोहन सिंह ने सी पी आई क़ाइदीन के एक वफ्द को ये कह कर हैरत में डाल दिया कि अलहिदा तेलंगाना मसला पर सयासी (राजनीतिक) जमातों में इत्तिफ़ाक़ राय की कमी है, ताहम उन्हों ने इस मसला पर मुंसिफ़ाना यकसूई (हल) का तैक़ुन दिया।

सी पी आई के रियास्ती सैक्रेटरी के नारायना की क़ियादत में क़ाइदीन के एक वफ्द ने आज नई दिल्ली में वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) डाक्टर मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की और अलहिदा तेलंगाना की तशकील (गठन) के सिलसिले में मर्कज़ की जानिब से आजलाना (जल्दी ) इक़दामात की अपील की,

ताहम सी पी आई क़ाइदीन को इस वक़्त मायूसी हुई जब ख़ुद वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) ने इन से सवाल किया कि आया इस मसला पर सयासी (राजनीतिक) जमातों में इत्तिफ़ाक़ राय की कमी नहीं है?

वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) से मुलाक़ात के बाद मीडीया के नुमाइंदों से बातचीत करते हुए डाक्टर नारायना ने कहा कि वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) के रवैय्या से तेलंगाना के मसला पर हुकूमत की अदम संजीदगी का इज़हार होता है।

उन्हों ने वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) के रवैय्या पर अफ़सोस का इज़हार किया और कहा कि इन का रद्द-ए-अमल रुम के शहनशाह नीरू की तरह था।

रियासत की तक़सीम (वितरन) को नागुज़ीर क़रार देते हुए डाक्टर नारायना ने कहा कि हाल ही में सी पी आई की जानिब से निकाली गई यात्रा में अवाम के जोश-ओ-ख़रोश और तेलंगाना से मुसलसल नाइंसाफ़ीयों की तफ़सीलात से वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) को वाक़िफ़ किराया गया।

वफ्द ने वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) से कहा कि तेलंगाना मसला पर कांग्रेस पार्टी ने अवाम से जो वाअदा किया था, इस पर अमल आवरी की ज़रूरत है।

इंतिख़ाबात के मौक़ा पर और तहरीक (आंदोलन) के दौरान मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला (गृह मंत्री) चिदम़्बरम ने तेलंगाना की तशकील (गठन) का ऐलान किया था लेकिन बाद में इस ऐलान से इन्हिराफ़ कर लिया (मुकर) गया।