तेलंगाना में अक़लीयती बहबूद के लिए बजट इजराई मायूसकुन

तेलंगाना में अक़लीयती बहबूद के लिए जारिया साल बजट में इज़ाफ़ा किया गया लेकिन पहले सहमाही के इख़तेताम के बाद बजट की इजराई की रफ़्तार इंतिहाई मायूसकुन रही है।

प्लान बजट के मुताबिक़ जारिया मालीयाती साल अक़लीयती बहबूद का बजट 1104 करोड़ रुपये मंज़ूर किया गया लेकिन पहले सहि माही में अभी तक सिर्फ 180 करोड़ रुपये जारी किए गए जिन में शादी मुबारक और दावते इफ़्तार के लिए जारी कर्दा बजट भी शामिल है।

जारिया स्कीमात में बाअज़ ऐसी स्कीमात हैं जिन के लिए उम्मीदवारों से दरख़्वास्तें तलब करली गईं लेकिन गुज़िश्ता साल की इन दरख़ास्तों को जारिया साल भी मंज़ूरी नहीं दी जा सकी।

महकमा अक़लीयती बहबूद के मुताबिक़ हुकूमत ने पहले सहि माही में जिन अहम स्कीमात के लिए अभी तक बजट जारी नहीं किया है, उन में अक़लीयती तबक़ा की लड़कियों के लिए अक़ामती स्कूल्स का क़ियाम, बैरून मुल्क तालीम से मुताल्लिक़ ओवरसीज़ स्कॉलरशिप स्कीम , अक़ामती स्कूल्स और हॉस्टल्स की तामीर और बैंकों से मरबूत सब्सीडी की फ़राहमी स्कीम शामिल हैं।

अक़लीयती बहबूद की स्कीमात और बजट की इजराई में अहम रुकावट महकमा के लिए अलाहिदा वज़ीर की कमी है। अक़लीयती बहबूद का क़लमदान चीफ मिनिस्टर ने अपनी निगरानी में रखा है जिसके सबब किसी भी मसअले की यक्सूई के लिए ओहदेदारों को चीफ मिनिस्टर से रुजू होना पड़ रहा है। अक्सर और बेशतर चीफ मिनिस्टर के सेक्रेट्री की सतह तक ओहदेदार नुमाइंदगी कर रहे हैं।