तेलंगाना में दस रुपये के स्टाम्प पेपर की क़िल्लत पाई जाती है। हक़ मालूमात के कारकुनों ने बताया कि रियासत में दस रुपये वाले स्टाम्प पेपर की दस्तयाबी मुश्किल होगई है जिस से अवाम को परेशानी लाहक़ है। हक़ मालूमात क़ानून के तहत दरख़ास्त गुज़ारों को दस रुपये के नान जोडीशील पोस्टल आर्डर स्टाम्प पर दरख़ास्त दाख़िल करनी होती है।
ताहम उन स्टाम्प की अदम दस्तयाबी के बाइस दरख़ास्तें दाख़िल करने से अवाम क़ासिर हैं। पोस्टल डिपार्टमेंट के अला ओहदेदारों ने स्टाम्प पेपर्स की क़िल्लत की तरदीद की है। इन ओहदेदारों का कहना हैके किसी भी स्टाम्प पेपर की क़िल्लत नहीं है।
पीप्लेस राइट टू इन्फ़ार्मेशन क़ौमी मुहिम के मुआविन कन्वीनर राकेश रेड्डी के मुताबिक़ शहर में दस रुपये के स्टाम्प पेपर की अदम दस्तयाबी के बाइस दरख़ास्त गुज़ारों को मुश्किलात पेश आरही हैं।दुसरे क़ीमतों के स्टाम्प पेपर आसानी से दस्तयाब हैं लेकिन दस रुपये के स्टाम्प पेपर की इसलिए एहमीयत हासिल हैके हक़ मालूमात क़ानून के तहत दरख़ास्त दाख़िल करने के लिए दस रुपये के स्टाम्प पेपर का इस्तेमाल ज़रूरी है। इसी दौरान चीफ़ पोस्ट मास्टर जनरल बीवी सुधाकर ने बताया कि इंडियन पोस्टल आर्डर की क़िल्लत नहीं है।