दाइश का फ़तवा: यरग़मालियों के आज़ा की मुंतकली की इजाज़त

इराक़ और शाम में बरसरे पैकार सख़्त जंगजू ग्रुप दाइश ने माज़ी में एक ग़ैर अलानिया फ़तवे में इन्सानी आज़ा की पैवंदकारी की इजाज़त दी थी और कहा था कि यरग़माल बनाए गए काफ़िर के आज़ा एक मुस्लमान को उस की जान बचाने के लिए लगाए जा सकते हैं।

दाइश के मुफ़्तियों ने 31 जनवरी 2015 को एक फ़तवे में इस सवाल का जवाब दिया है कि क्या एक ज़िंदा यरग़माली के आज़ा एक मुस्लमान की जान बचाने के लिए लेने की इजाज़त है? बर्तानवी ख़बररसां एजेंसी राईटर्ज़ ने इस फ़तवे को मुलाहिज़ा करने की इत्तिला दी है लेकिन कहा है कि वो उस की तसदीक़ नहीं कर सकती है।

अमरीका की ख़ुसूसी फ़ोर्सेस ने शाम के मशरिक़ी इलाक़े में मई में एक कार्रवाई के दौरान ये तमाम दस्तावेज़ और कंप्यूटर्स हार्ड ड्राइव्स में मौजूद डैटा मिला था।