दीवार यश राज फिल्म ने नहीं बनाई थी : यश चोपड़ा

मुंबई, १९ सितंबर ( एजेंसी) मौजूदा दौर के बेहतरीन रोमांटिक डायरेक्टर यश चोपड़ा जब किसी ज़माने में अपने भाई बी आर चोपड़ा के बी आर फिल्म्स कंपनी से वाबस्ता थे और बादअज़ां कई हिट फिल्में देने के बाद उन्होंने यश राज फिल्म के नाम से अपना अलैहदा प्रोडक्शन हाउस क़ायम कर लिया था ने गुज़रे हुए ज़माने की याद ताज़ा करते हुए कहा कि धूल का फूल वक़्त और आदमी और इंसान की शूटिंग का ज़माना वो कभी नहीं भूल सकते ।

इन तीनों ही फिल्मों में अपने ज़माने के मशहूर-ओ-मारूफ़ अदाकार जैसे अशोक कुमार राजिंदर कुमार सुनील दत्त राजकुमार धर्मेन्द्र शशी कपूर और फ़िरोज़ ख़ान से उन्होंने बहुत कुछ सीखा । शशी कपूर और धर्मेन्द्र के सिवाए सब ही अदाकार इंतिक़ाल कर चुके हैं ।

उन्होंने कहा रोमांटिक फिल्में बनाते हुए उन्हें अचानक एक दिन गुलशन राय ( जानी मेरा नाम फ़ेम) ने फ़ोन कर के बताया कि वो एक ऐक्शन फ़िल्म दीवार बनाने वाले हैं जिस की डायरेक्शन के लिए उन्हों ने मेरा नाम सोच रखा है । उन्होंने पूछा कि क्या वो इस फ़िल्म के लिए वक़्त निकाल सकेंगे ? यश चोपड़ा ने मुस्कुराते हुए कहा कि गुलशन राय की त्रीमूर्ति फिल्म एक बड़ा इदारा था और कोई भी डायरेक्टर इस इदारे से वाबस्ता होने पर फ़ख़र महसूस करता ।

लिहाज़ा मैंने भी फ़ौरी तौर पर हामी भर ली इस के बाद जो हुआ वो तारीख़ बन चुकी है । कुछ लोग आज भी यही समझते हैं कि दीवार यश राज फिल्म के ज़रीया बनाई गई थी जो सही नहीं है । उन्होंने इस सिलसिला में मशहूर फ़िल्मसाज़-ओ-हिदायतकार नासिर हुसैन की फ़िल्म तीसरी मंज़िल का भी तज़किरा किया ।

नासिर हुसैन फ़िल्म के सिर्फ प्रोडयूसर थे जबकि नौ दो ग्यारह की कामयाबी के बाद नासिर हुसैन ने विजय आनंद की सलाहीयतों को पहचान कर उन्हें तीसरी मंज़िल जैसी सस्पेन्स फ़िल्म की डायरेक्शन सौंपी थी । फ़िल्म की डायरेक्शन और एडीटिंग के हर तरफ़ चर्चे हुए थे और विजय आनंद रातों रात सफ़ अव्वल के डायरेक्टर बन गए थे ।