नज़र सानी करें, नहीं तो छोड़ देंगे ओहदे

रांची 9 जुलाई : झामुमो के साथ इत्तेहाद और हुकूमत तशकील के फैसले को लेकर कांग्रेस के अंदर तनज़ा हो गया है। संतालपरगना के कायेदीन और कारकुन आला कमान के फैसले के खिलाफ हैं। साबिक़ नबी वज़ीरे आला स्टीफन मरांडी और साबिक़ विधानसभा सदर आलमगीर आलम के कियादत में दुमका, पाकुड़, साहेबगंज और राजमहल के पार्टी ओहदेदारों ने पीर के दिन दारुल हुकूमत के कडरू वाक़ेय एक बैंक्वेट हॉल में बैठक की। बैठक में कांग्रेस कायेदीन राधाकृष्ण किशोर भी पहुंचे थे। इसमें जिला सदरों और ब्लाक सदरों ने झामुमो के साथ इत्तेहाद के खिलाफ अपनी बातें रखीं।

बैठक के बाद कौमी सदर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और रियासत सदर सुखदेव भगत के नाम ख़त भेज कर मुखालफत भी जताया। बैठक में जिला और ब्लाक सदर का कहना था कि इत्तेहाद से कांग्रेस को नुकसान होगा। बहुत मुश्किल से संतालपरगना में कांग्रेस का अवामी मकबूलियत बढ़ा था। कारकुन हौसला अफजाई थे। लेकिन झामुमो के साथ इत्तेहाद से करुकुं मायूस हैं। कांग्रेस कायेदिनों का कहना था कि अगर इत्तेहाद पर नज़र सानी नहीं हुआ, तो ओहदे छोड़ देंगे।

कांग्रेस कायेदिनों का कहना है कि भाजपा के साथ झामुमो के हुकूमत बनाने से अकलियत नाराज थे। झामुमो के साथ इत्तेहाद कर हम उसे सेक्यूलर होने का सर्टिफिकेट दे रहे हैं। बैठक में पाकुड़ के प्रमोदनी हेंब्रम, साहेबगंज के मुफ्क्कर हुसैन, दुमका के श्यामल किशोर सिंह, महेश राय चंद्रवंशी के अलावा कई ब्लाक के सदर भी पहुंचे थे।