शहर की जमात के फ़्लोर लीडर की इश्तिआल अंगेज़ तक़रीर की आड़ में क्या कांग्रेस आला कमान तेलंगाना तशकील के अमल को टालना चाहती है? क्या ये कांग्रेस और मजलिस में मैच फिक्सिंग का नतीजा है? ये वो सवालात हैं जो टी आर एस और अलहदा तेलंगाना की हामी जमातों के क़ाइदीन के ज़हनों में उभर रहे हैं।
टी आर एस के एक सीनीयर क़ाइद ने बताया कि सदर नशीन यू पी ए सोनीया गांधी ने यू पी ए की कोर कमेटी इजलास में वाज़ेह इशारा दिया कि वो अलहदा रियासत की तशकील के हक़ में हैं जिसका उन्हों ने तेलंगाना अवाम से वाअदा किया है। उन के इस इशारा के साथ ही मुख़ालिफ़ तेलंगाना ताक़तें सरगर्म अमल हो गईं और सूरते हाल को कशीदा बनाने मजलिस को इस्तिमाल किया जो ख़ुद भी तेलंगाना की तशकील के ख़िलाफ़ है।
इन हालात में टी आर एस और उस की क़ियादत सूरते हाल पर गहरी नज़र रखे हुए है और वो खुल कर मजलिसी क़ियादत के ख़िलाफ़ ब्यानबाज़ी से गुरेज़ कर रही है क्योंकि उन्हें अंदेशा है कि इस से तेलंगाना तहरीक से वाबस्ता मुस्लमानों की दिल शिकनी होगी। सदर टी आर एस चन्द्र शेखर राव नई दिल्ली में कांग्रेस के आला क़ाइदीन से रब्त में हैं और यहां की सूरते हाल के बारे में वक़तं फ़वक़तं वाक़िफ़ करा रहे हैं।
उन्हों ने पार्टी के सीनीयर क़ाइदीन को बताया कि मुख़ालिफ़ तेलंगाना क़ाइदीन की सरगर्मीयों से तेलंगाना की तशकील में कोई रुकावट नहीं होगी और 26 जनवरी से क़बल मर्कज़ी हुकूमत अलहदा रियासत तेलंगाना के हक़ में फ़ैसला करेगी।
उन्हों ने क़ाइदीन और कारकुनों को मश्वरा दिया कि इन हालात में सब्र और तहम्मुल का मुज़ाहरा करें और तेलंगाना के तमाम अज़ला में फ़िर्कावाराना हमआहंगी की बरक़रारी को अव्वलीन तर्जीह दें। तेलंगाना पोलिटीकल जॉइंट ऐक्शन कमेटी ने भी अपने यूनिट्स को इसी तरह की हिदायत दी है।