नरेंद्र मोदी का यमराज से तक़ाबुल: कांग्रेस

नई दिल्ली, 06 अप्रैल: ( पी टी आई ) कांग्रेस एन सी पी अ एन डी ए की हलीफ़ जनतादल (यू) ने चीफ मिनिस्टर गुजरात नरेंद्र मोदी को वज़ारत अज़मी के लिए उन की ख़ाहिशात पर तन्क़ीद की है और ये रिमार्क किया गया कि शायद मोदी गुजरात में 2002 में हुए मुस्लिम कश फ़सादाद को हिंदूस्तान भर में नहीं दुहराएंगे ।

कुल हिंद कांग्रेस के तर्जुमान राशिद अलवी ने मोदी के वज़ारत अज़मी से मुताल्लिक़ बिलवासता रिमार्कस पर अपने रद्द-ए-अमल में मोदी का यमराज से तक़ाबुल किया जो हिंदू मज़हबी रवायात में मौत के अवतार के तौर पर जाने जाते हैं। यू पी ए की अहम हलीफ़ और बाहर से हुकूमत की ताईद करने वाली समाजवादी पार्टी ने भी मोदी के ख़िलाफ़ तन्क़ीदों में हिस्सा अदा किया है और कहा कि गुजरात में काम कम और तशहीर ज़्यादा होती है ।

तमाम जमआतों का ये ख़्याल था कि ये बात कोई मानी/ मायने नहीं रखती कि कौन सा लीडर क्या कुछ कह रहा है क्योंकि असल ताक़त मुल्क के अवाम के हाथ में है । अपने तीखे रद्द-ए-अमल में मर्कज़ी वज़ीर-ओ-कांग्रेस लीडर मिस्टर मनीष तिवारी ने कहा कि उन्हें मोदी के इरादों के ताल्लुक़ से फ़िक्र है ।

उन्हों ने कहा कि उन्हें हमेशा ही चीफ मिनिस्टर गुजरात के ब्यानात पर फ़िक्र होती है । उन्हें उम्मीद है कि मोदी सारे मुल्क में वो कुछ नहीं करना चाहेंगे जो उन्हों ने 2002 में गुजरात में ( मुस्लिम कश फ़सादाद ) में किया था । एन डी ए की हलीफ़ जमात जनतादल (यू) ने भी मोदी के बयान का मज़हका उड़ाया है और कहा कि गुजरात की ख़िदमत करते हुए भी मुल्क की ख़िदमत की जा सकती है और अपने बयान के ज़रीया मोदी ने वज़ारत अज़मी की ख़ाहिश का इज़हार कर दिया है ।

राशिद अलवी ने मेड से बात करते हुए कहा कि अगर वो कभी नरेंद्र मोदी के बारे में इशारा करने का इरादा करेंगे तो उन्हें कोई ऐसा शख़्स ज़ाहिर नहीं करेंगे जो घोड़े पर सवार होगा बल्कि कोई ऐसे शख़्स के तौर पर हवाला देंगे जो भैंस पर सवार होगा (यमराज को रिवायती तौर पर भैंस पर सवार बताया जाता है) राहुल के बारे में हवाला देना हो तो घोड़े पर सवार शख़्स का तज़किरा किया जा सकता है क्योंकि ऐसा शख़्स मसीहा ही हो सकता है।

राशिद अलवी ने मोदी का मौत के अवतार यमराज से तक़ाबुल करके मोदी के ख़िलाफ़ मौत का सौदागर के रिमार्क की यादों को ताज़ा कर दिया है। 2007 के गुजरात असेंबली इंतेख़ाबात में कांग्रेस की सदर सोनीया गांधी ने मोदी को मौत का सौदागर क़रार दिया था। जिससे कांग्रेस को फ़ायदा के बजाय नुक़्सान हुआ था।

बादअज़ां कांग्रेस ने गुजरात फ़सादाद का हवाला देने से गुरेज़ किया था। धरती का क़र्ज़ चुकाने मोदी के रिमार्कस पर अलवी ने कहा कि बेहतर होगा कि वो (मोदी) किसी देहात में काम करते हुए धरती माँ का क़र्ज़ अदा कर सकते हैं। वज़ारत-ए-उज़मा के लिए मोदी के अज़ाइम पर मिर्ज़ा ग़ालिब के शेअर का ये मिसरा दुहराया हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख़ाहिश पे दम निकले।

जनतादल (यू) के जनरल सेक्रेटरी-ओ-पार्टी तर्जुमान शिवा नंद तिवारी ने पटना में कहा कि मुल्क की ख़िदमत गुजरात की ख़िदमत के ज़रीया भी की जा सकती है । नितिश कुमार बिहार की ख़िदमत कर रहे हैं वो एक तरह से मुल्क के अवाम ही की ख़िदमत है । उन्होंने कहा कि मोदी पहले ही गुजरात में काम कर रहे हैं ताहम जब कोई सियासतदां ऐसा बयान देता है तो इससे दिल्ली की गद्दी की ख़ाहिश का इज़हार होता है ।

मोदी को तन्क़ीद का निशाना बनाते हुए सीनीयर एन सी पी लीडर तारिक़ अनवर ने कहा कि ऐसा लगता है कि मोदी गुजरात फ़सादाद की निगरानी करके मुतमइन नहीं हुए हैं और अब वो सारे मुल्क में इस क़त्ल-ए-आम को दुहराना चाहते हैं।

समाजवादी पार्टी लीडर नरेश अग्रवाल का एहसास है कि गुजरात में काम कम और तशहीर ज़्यादा होती है । उन्होंने कहा कि वो नहीं समझते कि एक शख़्स मुल्क को बचा सकता है । ख़ाब देखना अच्छी बात है लेकिन अवाम की ख़ाहिश ही इस बात का फैसला करेगी कि मुल्क की क़ियादत किसे सौंपी जानी चाहीए ।

मोदी ने वज़ारत अज़मी की ख़ाहिश का कल वाज़िह अंदाज़ में इज़हार करते हुए कहा था कि हर बच्चे की ज़िम्मेदारी है कि वो मादर-ए-वतन का क़र्ज़ अदा करे ।