पहले आनंदीबेन का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का झटका और अब गुजरात सरकार को गुजरात हाई कोर्ट से बड़ा झटका दिया है। गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात सरकार द्वारा उच्चजाति के लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण के लिए डाली गई पीआईएल पर अपना फैसला सुना दिया है और कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आर्थिक आधार पर आरक्षण को संविधान के खिलाफ बताया है। आरक्षण की मांग को लेकर गुजरात में आंदोलन कर रहा पाटीदार समुदाय भी जनरल केटेगरी में आता है और अगर सरकार इस पीआईएल पर गुजरात सरकार के हित में फैसला सुनाती तो इस फैसले से उनको भी आरक्षण का लाभ मिलता।