भारत में आंबेडकरी आंदोलन के गढ़ नागपुर में आज लगभग दस हजार लोगों ने इकट्ठा होकर बता दिया कि रोहित उन्हें प्यारा था, और हत्यारे द्रोणचार्यों से वे बेहद नाराज हैं. वे विश्वविद्यालयों में व्याप्त ब्राह्मणवाद का अंत चाहते हैं. वे रोहित की जाति नहीं पूछ रहे हैं.
रोहित वेमुला के लिए चल रहे आंदोलन में देश के सबसे बड़ा प्रदर्शन का नागपुर में होना बहुत महत्वपूर्ण है. नागपुर के लिए यह गर्व की भी बात है.
मुझे नहीं लगता कि सरकार बहुजन आंदोलन में फूट की कोई संभावना देख रही है.
दलित – ओबीसी विवाद का मकसद बंदारू दत्तात्रेय और वाइस चांसलर अप्पा राव को जेल जाने से बचाना है, क्योंकि अनुसूचित जाति अत्याचार निरोधक कानून की जो धाराएं उन पर लग रही हैं, वे गैर-जमानती हैं. मनुस्मृति ईरानी खुद भी जांच के दायरे में हैं.
सरकार अपनी सुरक्षा के बंदोबस्त कर रही है.
Source : Dilip C Mondal
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