निकाह से निगाह और दिल को पाकीज़गी

जमात इस्लामी हिंद शहर निज़ाम आबाद के एक रोज़ा तर्बीयती इजतेमा का इनइक़ाद मस्जिद अर्फ़ात अहमद पूरा कॉलोनी निज़ाम आबाद में अमल में आया।

इज्तेमा का आग़ाज़ मौलाना मुहम्मद मुहतदी साहाब रुकन जमात हैदराबाद के दरस क़ुरआन से हुवा। उन्होंने सूरा हश्र की आयात का दरस देते हुए फ़िक्रऱ् आख़िरत की तरफ़ तवज्जा मबज़ूल( दिलाई) करवाई। उन्होंने कहाके आख़िरत वो दिन है जहां आदम और हवा की औलाद को जमा करके हीसाब लिया जाय गा ।

तमाम इंसानों के नामा आमाल को खोल कर रख दिया जाय गा। ज़बानों पर ताले डाल दिए जाऐंगे हमारे आज़ा जवाब देंगे ज़िंदगी के हर मुआमला में ख़ुदा का ख़ौफ़ लाहक़ हो फ़िक्रऱ् आख़िरत ही इंसान को एक कामिल(अच्छा)मोमिन(मुस्लमान) बनाती है ।

इबतेदाई कलिमात अदा करते हुए अमीर मुक़ामी जमात इस्लामी हिंद शहर निज़ाम आबाद जनाब अहमद अबदालाज़ीम ने कहा के अल्लाह ताला ने हमें दीन का पैग़ाम फैलाने के लिए मुंतख़ब(चुना) करलिया है और हमारी ये ज़िम्मेदारी है के हम ना सिर्फ ख़ुद को तर्बीयत के लिए तैय्यार रखें बल्कि दूसरों को भी अच्छाई की जानिब राग़िब (बुलाना)करना चाहीए। जनाब सय्यद ख़ालिद हुसैन क़ैसरी कारकुन जमात ने सीरत हज़रत अली ओ मुख़ातब करते हुए कहाकि हज़रत अली(rh) ने फ़रमाया के सब से बड़ी दौलत अक़ल और फ़ख़र सब से बड़ी नहूसत है सब से अच्छी सिफ़त ख़ुशअख़लाक़ी है ।

अमीर मुक़ामी जनाब अहमद अबदालाज़ीम के ज़ेर निगरानी बउनवान नेकी का वाज़िह तसव्वुर क़ुरआन की रोशनी में मुज़ाकरा( बात चीत ) का इनइक़ाद अमल में आया। जिस में जनाब इक़बाल अहमद रुकन जमात, जनाब डाक्टर हामिद हुसैन, जनाब अबदालाज़ीम , जनाब मुहम्मद अनवर ख़ान ने मज़कूरा उनवान के तहत इज़हार-ए-ख़्याल किया। दोपहर के वक़फ़ा के बाद दरस हदीस के ज़रीया नशिस्त दोम का आग़ाज़ हुव‌।

जनाब मुहम्मद अनव‌रक्खाँ ने दरस हदीस देते हुए कहा के इस्लाम में निकाह की बड़ी एहमीयत है । उन्होंने अहादीस की इक़साम (किस्म)और मुख़्तलिफ़(जीयादा) अहादीस की नौईयत पर गुफ़्तगु करते हुए तशरीह की। उन्होंने कहा के अल्लाह के रसूल(pbuh)के इर्शादात के मुताबिक़ निकाह करते वक़्त दीनदारी को बुनियाद बनाना चाहीए लेकिन आजकल मुआशरा(समाज) में इस के बरअक्स(किलाफ़) ख़ूबसूरती, माल दौलत को तर्जीह(अहमियत) दी जा रही है जो बिगाड़(करब) का सबब है । निकाह से निगाह और दिल का पाकीज़गी (साफ़) मैसराआती है । और मुस्लमान मुकम्मल(पूरा) मोमिन बन जाता है ।जनाब अहमद अबदालाज़ीम ने फ़लसफ़ा क़ुर्बानी और मुताल्लिक़ा मसाइल के उनवान से ख़िताब किया ।