नीतीश खुद बनना चाहते थे वजीरे आजम : मोदी

साबिक़ नायब वजीरे आला सुशील कुमार मोदी ने वजीरे आला पर हमला करते हुए कहा है कि नीतीश कुमार खुद वजीरे आजम बनना चाहते थे, इसलिए वह भाजपा में नरेंद्र मोदी की जगह किसी कमजोर लीडर को वजीरे आजम का उम्मीदवार बनवाना चाहते थे।

विधान परिषद वाक़ेय अपने कमरे में सहाफ़ियों से उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी नहीं कहा था कि वह नरेंद्र मोदी को वजीरे आजम बनायेगी। पार्टी ने इतना जरूर कहा था कि पीएम उम्मीदवार तय करने से पहले इत्तिहादी पार्टियों से मशविरा किया जायेगा। उन्होंने पूछा कि जब इस यरगमाल कांड का मास्टरमाइंड अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, तब किस बुनियाद पर वजीरे आला दावा कर रहे हैं कि इसमें किसी लीडर की किरदार नहीं है। उन्होंने दमन के कारोबारी सोहैल हिंगोरा के यरगमाल कांड की सीबीआइ जांच की मांग की है। मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार एक सोशल लीडर हैं और सोशल लोग न तो भाजपा से दूर रह सकते हैं और न ही बहुत दिनों तक भाजपा के साथ। साल 1967 से लेकर अब तक तीन बार समाजवादियों ने भाजपा के साथ इंतिखाबी तालमेल किया है और तीनों बार रिश्ते टूटे है। ऐसे में वजीरे आला की तरफ से यह कहना कि ‘मिट्टी में मिल जाऊंगा, लेकिन भाजपा कामदद नहीं लूंगा’ समझ से परे है। भाजपा ने यह कभी नहीं कहा था कि नरेंद्र मोदी को वजीरे आजम ओहदे का उम्मीदवार नहीं बनाया जायेगा, पार्टी ने यह जरूर कहा था कि जब वजीरे आजम ओहदे का उम्मीदवार तय किया जायेगा, इत्तिहादी पार्टियों से भी सलाह ली जायेगी।