नोमोलूद पर बिल्लियों के हमले का शुबा

सरकारी दवाख़ानों में मरीज़ों की देख भाल के ताल्लुक़ से लापरवाही की शिकायात आम तौर पर मिलती रहती हैं और इस का शिकार भी मरीज़-ओ-अरकान ख़ानदान होते हैं।

इसी नौईयत का एक अफ़सोसनाक वाक़िया ज़चगी ख़ाना पेटला बुरज में पेश आया जहां मुबयना तौर पर एक नोमोलूद को बिल्लियों ने हमला करके शदीद ज़ख़मी कर दिया।

इस जोड़े का ताल्लुक़ ज़िला महबूबनगर से है और नोमोलूद की ये हालत देख कर ना सिर्फ़ वालदैन बल्के दवाख़ाने में मौजूद सारे मरीज़ और उन के रिश्तेदार सकते में आगए।

अफ़सोसनाक पहलू ये है कि दवाख़ाने का अमला अपनी ग़लती को तस्लीम करने के लिए तैयार नहीं। डॉक्टर्स का कहना है कि लापरवाही का इल्ज़ाम बेबुनियाद है और सपरनटनडनट हॉस्पिटल ने ख़ुद को इस मुआमले से अलग थलग रखने की कोशिश करते हुए यहां तक कह दिया कि नोमोलूद एक मर्ज़ का शिकार है जिस की वजह से उस की हालत ख़राब होगई है।

ज़राए के मुताबिक़ ममता और इस का शौहर वीरेश हॉस्पिटल से रुजू हुए और 18 नवंबर को ममता ने एक सहतमनद बच्चे को जन्म दिया। इस के बाद से बच्चे को ये कहते हुए दूर रखा गया कि वो किसी बीमारी का शिकार है। यहां तक कि उन्हें डिस्चार्ज करने का वक़्त आगया और उस वक़्त जब बच्चे को माँ के हवाला किया गया तो जिस्म पर निशानात देखे गए।

बताया जाता है कि मुबयना तौर पर अमला की लापरवाही की वजह से ये वाक़िया पेश आया।इस ताल्लुक़ से पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है और इंसानी हुक़ूक़ कमीशन से भी रुजू होने का फ़ैसला किया गया है। ये बच्चा अब नीलोफ़र हॉस्पिटल में ज़ेर-ए-इलाज है।