नो एंट्री: प्रवीण तोगड़िया कश्मीर से वापस लौटे

नई दिल्ली, 21 फरवरी: संसद पर हमले के गुनाहगार अफजल गुरु की फांसी के बाद जम्मू-कश्मीर में बने अराजक माहौल के बीच आज विश्व हिंदू परिषद के एग्जीक्यूटिव सदर प्रवीण तोगड़िया को यहां के हवाई अड्डे से वापस लौटा दिया गया। उनका कहना है कि यह उनके बुनियादी हुकूक की खिलाफवर्जी है और यह जम्मू-कश्मीर सरकार की उनके खिलाफ साजिश है। हुकूमत नहीं चाहती है कि वह डर के साए में यहां जी रहे हिंदुओं के लिए आवाज उठाएं।

उनका कहना है कि इससे पहले भी वह कई बार यहां आ चुके हैं तब उन्हें किसी ने नहीं रोका तो अब ऐसा क्यों। उन्होंने कहा, ‘मेरी वजह से जम्मू-कश्मीर ही नहीं पूरे मुल्क में कभी भी कानून निज़ाम में कोई खलल नहीं पड़ी, तो आज मेरे साथ ऐसा क्यों किया गया है।’ अपनी गिरफ्तारी को गलत ठहराते हुए उन्होंने कहा कि मुझे मेरे ही मुल्क के किसी रियासत में घुसने से रोका जाना सरासर गलत है और हिंदुस्तान के शहरी के तौर पर मेरे हुकूक की खिलाफवर्ज़ी है। जम्मू-कश्मीर हुकूमत पाकिस्तान के कट्टरपंथियों के साथ मिलकर मेरे खिलाफ साजिश रच रही है, ताकि यहां के हिंदुओं की आवाज हमेशा दबी रहे।

एयरपोर्ट पर उन्हें नजरबंद किए जाने के बाद वीएचपी और बजरंग दल के लीडरों ने रियासती हुकूमत के खिलाफ एहतिजाज किया किया। तोगड़िया ने बताया कि वह हुकूमत के तरफ से यहां के हिंदू फिर्के के साथ किए जा रहे भेदभाव और मसले सुनने के लिए यहां आए थे। जम्मू-कश्मीर हुकूमत तालीफ , रोजगार, मज़हब और सेक्युरिटी हर इलाके में हिंदुओं के साथ भेदभाव करती है।

तोगड़िया के यहां पहुंचते ही उन्हें जम्मू पुलिस के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर आर्य शर्मा का नोटिस थमा दिया गया। इस नोटिस में उन्हें सेक्युरिटी और कानून के हालात का हवाला देते हुए रियासत में दाखिल की इजाजत देने से इंकार किया गया था।

उनका कहना है कि जब मुंबई हमलों के गुनाहगार हाफिज सईद के साथ बैठने वाला यासीन मलिक यहां खुलेआम घूम सकता है तो मैं क्यों नहीं। यह मेरे इंसानी हुकूक की खिलाफवर्ज़ी नहीं तो क्या है। वाजेह है कि पिछले दिनों अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के बाद अलगाववादी लीडर यासीन मलिक ने इसकी मुखालिफत किए थे और पाकिस्तान में वह भूख हड़ताल पर बैठे थे।

इस दौरान हाफिज सईद को उनके साथ मंच पर बैठे देखा गया था। इतना ही नहीं यासीन की सईद के साथ कई खुफिया बैठकों की भी चर्चा रही थी।